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Udhampur News: युगधार तक सड़क संपर्क से पहुंच होगी आसान
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पर्यटन स्थल युगधार का मनमोहक दृश्य।
- फोटो : udhampur news
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उधमपुर। अनदेखी का शिकार रहे चिनैनी तहसील के सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल युगधार की जल्द ही तस्वीर बदलने वाली है।
पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से पखलाई से टंडार रोड पर 10 किलोमीटर माइल स्टोन पर त्रिकुंड से लेकर युगधार तक 24.74 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण करवाया जाएगा।
विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सड़क के बनने से जहां टंडार, सत्यालता, चढ़त और अन्य लगती पंचायतों को लाभ मिलेगा, वहीं पर्यटन स्थल युगधार का भी विकास हो पाएगा। खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी युगधार तक पहुंचने में आसानी होगी। वहीं क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो पाएंगे।
पूर्व सरपंच बलदेव सिंह का कहना है कि इस सड़क को बनाने को लेकर कई बार क्षेत्र में होने वाली प्रशासनिक बैठकों के साथ-साथ सरकार से मांग कर चुके थे। सड़क के बनने से क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है। कई वर्ष पहले इस क्षेत्र में बाबा युग आए थे और उनके नाम से ही इसका नाम युगधार पड़ गया। वर्ष 2012 में पहली बार 31 मई को युगधार स्थित युग देवता मंदिर में मेले की शुरूआत की गई थी। इसके बाद से हर साल 31 मई को एक दिवसीय मेला लगाया जाता है। मेले के दौरान क्षेत्रवासियों के अलावा बाहरी राज्यों से तकरीबन 25 हजार के करीब लोग मेले में पहुंचते है। सप्ताह में दो तीन बार मंदिर में लोग आकर माथा टेकने के साथ ही भंडारे का आयोजन करते हैं।
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पीएमजीएसवाई विभाग की ओर से पखलाई से टंडार रोड पर 10 किलोमीटर माइल स्टोन पर त्रिकुंड से लेकर युगधार तक 24.74 करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण करवाया जाएगा।
विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सड़क के बनने से जहां टंडार, सत्यालता, चढ़त और अन्य लगती पंचायतों को लाभ मिलेगा, वहीं पर्यटन स्थल युगधार का भी विकास हो पाएगा। खासकर बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी युगधार तक पहुंचने में आसानी होगी। वहीं क्षेत्र में विकास के साथ रोजगार के साधन भी उपलब्ध हो पाएंगे।
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पूर्व सरपंच बलदेव सिंह का कहना है कि इस सड़क को बनाने को लेकर कई बार क्षेत्र में होने वाली प्रशासनिक बैठकों के साथ-साथ सरकार से मांग कर चुके थे। सड़क के बनने से क्षेत्र वासियों में खुशी की लहर है। कई वर्ष पहले इस क्षेत्र में बाबा युग आए थे और उनके नाम से ही इसका नाम युगधार पड़ गया। वर्ष 2012 में पहली बार 31 मई को युगधार स्थित युग देवता मंदिर में मेले की शुरूआत की गई थी। इसके बाद से हर साल 31 मई को एक दिवसीय मेला लगाया जाता है। मेले के दौरान क्षेत्रवासियों के अलावा बाहरी राज्यों से तकरीबन 25 हजार के करीब लोग मेले में पहुंचते है। सप्ताह में दो तीन बार मंदिर में लोग आकर माथा टेकने के साथ ही भंडारे का आयोजन करते हैं।
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