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Udhampur News: बाजारों में जाम में उलझा शहर, सड़कों पर रेंगते रहे वाहन, चरमराई यातायात व्यवस्था
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शहर के मुखर्जी बाजार में लगा गंभीर जाम
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। दिवाली को लेकर शहर के बाजारों में खरीदारों की उमड़ रही भारी भीड़ ने यातायात व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। धनतेरस से लेकर दिवाली की पूर्व संध्या शनिवार तक शहर के बाजारों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, लेकिन इस उत्साह के बीच आम जनता को जाम के गंभीर झाम से जूझना पड़ा। गोल मार्केट, कोर्ट रोड बाजार, मुखर्जी बाजार सहित शहर के अन्य प्रमुख बाजारों इत्यादि में शहर की शायद ही कोई प्रमुख सड़क ऐसी रही, जहां दिन में कई-कई बार जाम की स्थिति पैदा न हुई हो। हालात ऐसे रहे कि लोगों को चंद मिनटों का सफर तय करने में काफी समय लग गया। वहीं, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक विभाग की ओर से किए जा रहे प्रयास भी जाम की समस्या के आगे बेअसर होते दिखाई दिए।
दिवाली की पूर्व संध्या पर जाम के झाम में उलझे शहर में कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात रेंगता हुआ नजर आया। आलम यह था कि दोपहिया वाहन चालक भी मुश्किल से निकल पा रहे थे। थ्री व्हीलर ऑटो चालकों को सवारियां लेकर बाजारों से गुजरने में परेशानी हुई, जबकि पैदल राहगीरों के लिए भी बाजारों से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रहा।
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए विभिन्न चौक-चौराहों और बाजारों में ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं ट्रैफिक कर्मियों के भी पसीने छूटते रहे। पुलिस कर्मी लगातार वाहनों को आगे बढ़ाने, यातायात नियंत्रित करने और जाम खुलवाने की मशक्कत करते नजर आए लेकिन जाम खुलवाने के कुछ देर बाद हालात फिर पहले जैसे बनते नजर आए।
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फड़ियों और रेहड़ियों ने बढ़ाई परेशानी
शहर में जाम की समस्या को गंभीर बनाने में सड़क किनारे लगी फड़ियों और रेहड़ियों की भी अहम भूमिका रही। कई दुकानदारों ने अपना सामान दुकानों के बाहर तक फैला रखा था, जबकि फल और सब्जियां बेचने वाली रेहड़ियों ने भी सड़क के काफी हिस्से पर जगह घेर रखी थी। इससे पहले से ही संकरी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बाजारों में पैदल चलने वालों तक को रास्ता तलाशने में परेशानी उठानी पड़ी।
डिवाइडर और प्रतिबंध भी नहीं दिला पाए राहत
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक विभाग की ओर से धार रोड पर डिवाइडर लगाए गए हैं। इसके अलावा कोर्ट रोड बाजार और गोल मार्केट से मुखर्जी बाजार की तरफ बैरिकेड लगाकर चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बावजूद त्योहार के दौरान जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया।
स्थायी समाधान की उठी मांग
शहरवासियों कृष्ण लाल, विनोद गुप्ता, अंकित शर्मा, अजीत सिंह और सतपाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि दिवाली पर लगने वाले जाम ने प्रशासन के जाम-मुक्त शहर के दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात प्रबंधन के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिएं। लोगों ने मांग की कि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, रेहड़ियों के लिए निर्धारित स्थान तय करने और बाजारों में अतिरिक्त ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती जैसे ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्थाओं से समस्या का समाधान संभव नहीं है। शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन को स्थायी यातायात योजना तैयार करनी होगी।
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दिवाली की पूर्व संध्या पर जाम के झाम में उलझे शहर में कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात रेंगता हुआ नजर आया। आलम यह था कि दोपहिया वाहन चालक भी मुश्किल से निकल पा रहे थे। थ्री व्हीलर ऑटो चालकों को सवारियां लेकर बाजारों से गुजरने में परेशानी हुई, जबकि पैदल राहगीरों के लिए भी बाजारों से निकलना किसी चुनौती से कम नहीं रहा।
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यातायात व्यवस्था संभालने के लिए विभिन्न चौक-चौराहों और बाजारों में ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं ट्रैफिक कर्मियों के भी पसीने छूटते रहे। पुलिस कर्मी लगातार वाहनों को आगे बढ़ाने, यातायात नियंत्रित करने और जाम खुलवाने की मशक्कत करते नजर आए लेकिन जाम खुलवाने के कुछ देर बाद हालात फिर पहले जैसे बनते नजर आए।
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फड़ियों और रेहड़ियों ने बढ़ाई परेशानी
शहर में जाम की समस्या को गंभीर बनाने में सड़क किनारे लगी फड़ियों और रेहड़ियों की भी अहम भूमिका रही। कई दुकानदारों ने अपना सामान दुकानों के बाहर तक फैला रखा था, जबकि फल और सब्जियां बेचने वाली रेहड़ियों ने भी सड़क के काफी हिस्से पर जगह घेर रखी थी। इससे पहले से ही संकरी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। बाजारों में पैदल चलने वालों तक को रास्ता तलाशने में परेशानी उठानी पड़ी।
डिवाइडर और प्रतिबंध भी नहीं दिला पाए राहत
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक विभाग की ओर से धार रोड पर डिवाइडर लगाए गए हैं। इसके अलावा कोर्ट रोड बाजार और गोल मार्केट से मुखर्जी बाजार की तरफ बैरिकेड लगाकर चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। इसके बावजूद त्योहार के दौरान जाम की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया।
स्थायी समाधान की उठी मांग
शहरवासियों कृष्ण लाल, विनोद गुप्ता, अंकित शर्मा, अजीत सिंह और सतपाल सहित अन्य लोगों ने कहा कि दिवाली पर लगने वाले जाम ने प्रशासन के जाम-मुक्त शहर के दावों की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन यातायात प्रबंधन के लिए पहले से पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिएं। लोगों ने मांग की कि सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, रेहड़ियों के लिए निर्धारित स्थान तय करने और बाजारों में अतिरिक्त ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती जैसे ठोस कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्थाओं से समस्या का समाधान संभव नहीं है। शहर को जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन को स्थायी यातायात योजना तैयार करनी होगी।