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Udhampur News: एसकेपीए में ‘फॉरेंसिक साइंस में उन्नत तकनीक’ पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संपन्न
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प्रतिभागियों को संबोधित व सम्मानित करते अधिकारी
- फोटो : udhampur news
उधमपुर। शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी (एसकेपीए) उधमपुर में ‘फॉरेंसिक साइंस में उन्नत तकनीक’ विषय पर आयोजित पांच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। इस अवसर पर अकादमी के प्रशासनिक ब्लॉक स्थित इंटरेक्शन हॉल में समापन समारोह आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी विकास, उभरते रुझानों तथा आपराधिक जांच में उनके व्यावहारिक उपयोग से परिचित करवाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों, वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच तथा अपराधों का पता लगाने और उनकी जांच में उन्नत तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
समापन समारोह में एसकेपीए उधमपुर के निदेशक एवं आईजीपी डॉ. मोहम्मद हसीब मुगल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग और आपराधिक जांच में फॉरेंसिक विज्ञान एवं तकनीकी प्रगति के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से जांच करना और उन्नत फॉरेंसिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग करना अब पेशेवर पुलिसिंग का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। उन्होंने जांच अधिकारियों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास से लगातार अपडेट रहने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों का उचित संग्रह, संरक्षण, परीक्षण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. मुगल ने कहा कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक जांच पद्धतियों के समन्वय से आपराधिक जांच की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना तथा वैज्ञानिक, व्यवस्थित और साक्ष्य-आधारित जांच करने की उनकी क्षमता को मजबूत करना है। एसकेपीए उधमपुर इस तरह की विशेष प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से पुलिस कर्मियों के क्षमता निर्माण, व्यावसायिक उत्कृष्टता और जांच कौशल के निरंतर उन्नयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है ताकि कानून-व्यवस्था और अपराध जांच के क्षेत्र में सामने आ रही नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
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इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस कर्मियों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी विकास, उभरते रुझानों तथा आपराधिक जांच में उनके व्यावहारिक उपयोग से परिचित करवाना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों, वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच तथा अपराधों का पता लगाने और उनकी जांच में उन्नत तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।
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समापन समारोह में एसकेपीए उधमपुर के निदेशक एवं आईजीपी डॉ. मोहम्मद हसीब मुगल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने आधुनिक पुलिसिंग और आपराधिक जांच में फॉरेंसिक विज्ञान एवं तकनीकी प्रगति के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
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उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से जांच करना और उन्नत फॉरेंसिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग करना अब पेशेवर पुलिसिंग का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। उन्होंने जांच अधिकारियों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम विकास से लगातार अपडेट रहने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि आपराधिक मामलों में वैज्ञानिक साक्ष्यों का उचित संग्रह, संरक्षण, परीक्षण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. मुगल ने कहा कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक जांच पद्धतियों के समन्वय से आपराधिक जांच की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार किया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान और व्यावहारिक कौशल का अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस कर्मियों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना तथा वैज्ञानिक, व्यवस्थित और साक्ष्य-आधारित जांच करने की उनकी क्षमता को मजबूत करना है। एसकेपीए उधमपुर इस तरह की विशेष प्रशिक्षण पहलों के माध्यम से पुलिस कर्मियों के क्षमता निर्माण, व्यावसायिक उत्कृष्टता और जांच कौशल के निरंतर उन्नयन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा रही है ताकि कानून-व्यवस्था और अपराध जांच के क्षेत्र में सामने आ रही नई चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।