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Udhampur News: चार साल पहले मिला पीएम श्री का दर्जा, अब तक नहीं बदली सूरत
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उधमपुर। करीब चार साल पहले जिस गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बरमीन को पीएम श्री का दर्जा देकर सुविधासंपन्न और आधुनिक स्कूल बनाने का दावा किया गया था, उसकी तस्वीर वर्ष 2026 में भी बदहाल नजर आ रही है। करीब 550 विद्यार्थियों वाले इस स्कूल की जर्जर इमारत, टपकती छत, उखड़ता पलस्तर और टूटी चारदीवारी जिले में पीएम श्री स्कूलों के कायाकल्प के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि स्कूल परिसर में करीब पांच महीने पहले साइंस ब्लाॅक बनाने का काम शुरू किया गया है।
फिलहाल स्कूल की पुरानी इमारत में कई जगह स्थिति चिंताजनक है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है, जिससे कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है। दीवारों का पलस्तर उखड़ रहा है और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी करंट लगने की आशंका बनी हुई है। ऐसे माहौल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर समय किसी अनहोनी का डर सताता है।
गौरतलब है कि साल 1956 में प्राइमरी स्कूल के तौर पर इस स्कूल की स्थापना हुई थी। साल 1963 में इसे मिडिल और 1987 में अपग्रेड कर हाई स्कूल बनाया गया। इसके बाद साल 2005 में इसे हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया और साल 2022 में इसे पीएम श्री योजना में शामिल किया गया। लगभग 10.5 कनाल जमीन पर स्थित इस स्कूल पर इलाके की पांच हजार से अधिक आबादी आश्रित हैं। जिसके चलते वर्तमान में इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 550 के आसपास है।
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कुछ दिन पहले स्थानीय समाज सेवक पवन सिंह की अध्यक्षता में स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल भवन की खस्ताहालत पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि दिन का सबसे बड़ा हिस्सा बिताने वाला परिसर है। ऐसे में जब सिर के ऊपर कमजोर छत हो, सीलन लगी दीवारों से पलस्तर गिर रहा हो और बारिश में कमरे पानी से भरने लगें तो पढ़ाई पर ध्यान लगाना आसान नहीं। बारिश के दौरान कमरों की छत से पानी टपकने की स्थिति में कई बार विद्यार्थियों को असुविधाजनक परिस्थितियों में पढ़ना पड़ता है। मन अशांत रहने से वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं लगा पाते हैं।
अभिभावकों का यह भी कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन स्कूल भवन काफी पुराना और बदहाल है। दीवारों पर सीलन हैं, बारिश होने पर छत टपकती है। पिछले वर्ष भारी बारिश में स्कूल की करीब 30 मीटर चारदीवारी ढह गई थी। इसके बाद परिसर में मवेशियों के प्रवेश की समस्या भी सामने आई। टूटी चारदीवारी न केवल स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करती है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी असुरक्षित माहौल पैदा करती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल इमारत की मरम्मत करवाई जाए ताकि सुरक्षा को लेकर बनी चिंता दूर हो सके और बच्चे बिना किसी डर के स्कूल में अपनी पढ़ाई को जारी रख पाएं।
कोट
खस्ताहाल स्कूलों की मरम्मत को लेकर प्रस्तावित कार्याें को तेज गति और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसियों को कहा गया है और हायर सेकेंडरी स्कूल बरमीन की स्थिति का भी जमीनी जायजा लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील खजूरिया, सीईओ, शिक्षा उधमपुर
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फिलहाल स्कूल की पुरानी इमारत में कई जगह स्थिति चिंताजनक है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है, जिससे कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है। दीवारों का पलस्तर उखड़ रहा है और बिजली की व्यवस्था को लेकर भी करंट लगने की आशंका बनी हुई है। ऐसे माहौल में विद्यार्थियों और शिक्षकों को हर समय किसी अनहोनी का डर सताता है।
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गौरतलब है कि साल 1956 में प्राइमरी स्कूल के तौर पर इस स्कूल की स्थापना हुई थी। साल 1963 में इसे मिडिल और 1987 में अपग्रेड कर हाई स्कूल बनाया गया। इसके बाद साल 2005 में इसे हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया और साल 2022 में इसे पीएम श्री योजना में शामिल किया गया। लगभग 10.5 कनाल जमीन पर स्थित इस स्कूल पर इलाके की पांच हजार से अधिक आबादी आश्रित हैं। जिसके चलते वर्तमान में इस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या 550 के आसपास है।
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कुछ दिन पहले स्थानीय समाज सेवक पवन सिंह की अध्यक्षता में स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल भवन की खस्ताहालत पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि दिन का सबसे बड़ा हिस्सा बिताने वाला परिसर है। ऐसे में जब सिर के ऊपर कमजोर छत हो, सीलन लगी दीवारों से पलस्तर गिर रहा हो और बारिश में कमरे पानी से भरने लगें तो पढ़ाई पर ध्यान लगाना आसान नहीं। बारिश के दौरान कमरों की छत से पानी टपकने की स्थिति में कई बार विद्यार्थियों को असुविधाजनक परिस्थितियों में पढ़ना पड़ता है। मन अशांत रहने से वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं लगा पाते हैं।
अभिभावकों का यह भी कहना है कि वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन स्कूल भवन काफी पुराना और बदहाल है। दीवारों पर सीलन हैं, बारिश होने पर छत टपकती है। पिछले वर्ष भारी बारिश में स्कूल की करीब 30 मीटर चारदीवारी ढह गई थी। इसके बाद परिसर में मवेशियों के प्रवेश की समस्या भी सामने आई। टूटी चारदीवारी न केवल स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करती है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए भी असुरक्षित माहौल पैदा करती है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द स्कूल इमारत की मरम्मत करवाई जाए ताकि सुरक्षा को लेकर बनी चिंता दूर हो सके और बच्चे बिना किसी डर के स्कूल में अपनी पढ़ाई को जारी रख पाएं।
कोट
खस्ताहाल स्कूलों की मरम्मत को लेकर प्रस्तावित कार्याें को तेज गति और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसियों को कहा गया है और हायर सेकेंडरी स्कूल बरमीन की स्थिति का भी जमीनी जायजा लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-सुनील खजूरिया, सीईओ, शिक्षा उधमपुर