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प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश
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उधमपुर। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर डीसी इंदु कंवल चिब की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें पुलिस, एसडीआरएफ, सीआरपीएफ तथा बीएसएफ के अधिकारियों ने मुख्य रूप से भाग लिया।
बैठक के दौरान आसमानी बिजली, मड स्लाइड, भूस्खलन, आगजनी, बाढ़ नियंत्रण जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और पीडितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कारगर योजना बनाने को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही डीसी ने बरसात में प्राकृतिक आपदा से सबंधित हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों के साथ प्राकृतिक आपदा के समय पेश आने वाली स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों पर चर्चा करते हुए उन्हें जरूरी दिशानिर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में भूस्खलन और बाढ़ जैसी आशंकाओं वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है। जिसके लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए जल्द ही माक ड्रिल भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी की गई है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्ति की गई है। बचाव कार्य के लिए नई तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
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बैठक के दौरान आसमानी बिजली, मड स्लाइड, भूस्खलन, आगजनी, बाढ़ नियंत्रण जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और पीडितों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए कारगर योजना बनाने को लेकर चर्चा की गई। इसके साथ ही डीसी ने बरसात में प्राकृतिक आपदा से सबंधित हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट रहने को कहा।
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उन्होंने अधिकारियों के साथ प्राकृतिक आपदा के समय पेश आने वाली स्थिति से निपटने को लेकर की गई तैयारियों पर चर्चा करते हुए उन्हें जरूरी दिशानिर्देश भी जारी किए। उन्होंने कहा कि जिला में भूस्खलन और बाढ़ जैसी आशंकाओं वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है। जिसके लिए सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से विशेष रणनीति बनाई जा रही है। इसके लिए जल्द ही माक ड्रिल भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयारी की गई है। इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्ति की गई है। बचाव कार्य के लिए नई तकनीक अपनाने पर भी जोर दिया गया है।
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