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साइबर फ्राड से बचने की दी जानकारी
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उधमपुर। जिला पुलिस उधमपुर ने शहीद इंस्पेक्टर कमल सिंह सरकारी ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल उधमपुर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, नशाखोरी, यातायात नियमों के बारे में जानकारी देकर जागरूक किया। इसके साथ साइबर फ्राड को लेकर भी विशेष तौर पर जानकारी देकर जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन एसएसपी उधमपुर डॉ. विनोद कुमार के दिशा निर्देश पर किया गया। थाना प्रभारी उधमपुर चमन गोरखा ने, पीएसआई साहिल सिंह, डॉ. देविका शर्मा (ड्रग काउंसलर), आफिया नजीर और अजरा परवीन सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में छात्राओं को कई तरह की जानकारी उपलब्ध करवाई। चमन गोरखा ने विद्यार्थियों से संवाद किया और नए यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। उनसे यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की, सोशल मीडिया के गुण-दोष, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। ड्रग काउंसलर (ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर डीपीएल उधमपुर) डॉ देविका शर्मा ने युवाओं को शराब, ड्रग्स और मादक द्रव्यों के सेवन के खतरे के बारे में शिक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों को उनके द्वारा खुद को और अपने दोस्तों को नशीले पदार्थों की लत से बचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें नशीली दवाओं के दुरुपयोग का शिकार होने के बजाय अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की सलाह दी गई। उन्हें नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से रोकथाम और पुनर्वास के बारे में भी बताया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अफिया नजीर और अजरा परवीन ने कहा कि नशा करने से केवल व्यक्ति नहीं बल्कि परिवार को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे के जाल में फंसने पर व्यक्ति को मानसिक और साथ ही शारीरिक तनाव भी होता है। सबसे अच्छा उपाय विभिन्न खेलों और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेना है ताकि खुद को ड्रग्स से दूर रखा जा सके और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक में लगाया जा सके।
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कार्यक्रम का आयोजन एसएसपी उधमपुर डॉ. विनोद कुमार के दिशा निर्देश पर किया गया। थाना प्रभारी उधमपुर चमन गोरखा ने, पीएसआई साहिल सिंह, डॉ. देविका शर्मा (ड्रग काउंसलर), आफिया नजीर और अजरा परवीन सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में छात्राओं को कई तरह की जानकारी उपलब्ध करवाई। चमन गोरखा ने विद्यार्थियों से संवाद किया और नए यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। उनसे यातायात नियमों का पालन करने, वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अपील की, सोशल मीडिया के गुण-दोष, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर अपराध आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। ड्रग काउंसलर (ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर डीपीएल उधमपुर) डॉ देविका शर्मा ने युवाओं को शराब, ड्रग्स और मादक द्रव्यों के सेवन के खतरे के बारे में शिक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। प्रतिभागियों को उनके द्वारा खुद को और अपने दोस्तों को नशीले पदार्थों की लत से बचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें नशीली दवाओं के दुरुपयोग का शिकार होने के बजाय अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने की सलाह दी गई। उन्हें नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से रोकथाम और पुनर्वास के बारे में भी बताया गया। सामाजिक कार्यकर्ता अफिया नजीर और अजरा परवीन ने कहा कि नशा करने से केवल व्यक्ति नहीं बल्कि परिवार को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नशे के जाल में फंसने पर व्यक्ति को मानसिक और साथ ही शारीरिक तनाव भी होता है। सबसे अच्छा उपाय विभिन्न खेलों और शारीरिक गतिविधियों में भाग लेना है ताकि खुद को ड्रग्स से दूर रखा जा सके और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक में लगाया जा सके।
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