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केला मोड़ में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य पूरा
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उधमपुर/रामबन। रामबन के केला मोड़ इलाके में नेशनल हाइवे अथारिटी ने क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। अभी इसको वाहनों की आवाजाही के लिए खोला नहीं गया है। निरीक्षण का कार्य पूरा करने के बाद एक दो दिन में इसको वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा सकता है।
राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही एक तरफा रखी गई। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक ट्रकों को घाटी की तरफ रवाना किया गया। लेकिन दोपहर एक बजे के बाद इस पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया। रोके जाने पर उधमपुर में फिर से ट्रकों की लंबी कतार लग गई है।
गौरतलब है कि रामबन के केला मोड़ इलाके में करीब एक महीने पहले पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद राजमार्ग बंद हो गया था। एक सप्ताह के बाद बीआरओ ने बैली पुल का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही को शुरू किया था। वहीं दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया था। एक महीने के बाद केला मोड़ में पुल बन कर तैयार हो गया है। अधिकारियों की तरफ से इसका निरीक्षण किया जाना बाकी है। अधिकारी बुधवार को निरीक्षण का काम कर सकते हैं। अगर निरीक्षण में पुल वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार पाया जाता है तो वीरवार को पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। मंगलवार को वाहनों की आवाजाही जम्मू से श्रीनगर की तरफ रखी गई थी। लेकिन बड़े वाहनों के लिए समय निर्धारित किया गया था।
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उधमपुर से घाटी जाने वाले वाहनों के लिए सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक समय निर्धारित किया था। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ट्रक घाटी की तरफ रवाना हुए। लेकिन दोपहर के एक बजते ही ट्रकों के घाटी जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। छोटे वाहन सुबह से रात तक दोनों तरफ से चलते रहे। रोके जाने के बाद उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में फिर से ट्रकों की लंबी कतार लग गई। इनको अब बुधवार को घाटी की तरफ जाने की अनुमति मिल सकती है।
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राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही एक तरफा रखी गई। सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक ट्रकों को घाटी की तरफ रवाना किया गया। लेकिन दोपहर एक बजे के बाद इस पर फिर से प्रतिबंध लगा दिया गया। रोके जाने पर उधमपुर में फिर से ट्रकों की लंबी कतार लग गई है।
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गौरतलब है कि रामबन के केला मोड़ इलाके में करीब एक महीने पहले पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद राजमार्ग बंद हो गया था। एक सप्ताह के बाद बीआरओ ने बैली पुल का निर्माण कर वाहनों की आवाजाही को शुरू किया था। वहीं दूसरी तरफ क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया था। एक महीने के बाद केला मोड़ में पुल बन कर तैयार हो गया है। अधिकारियों की तरफ से इसका निरीक्षण किया जाना बाकी है। अधिकारी बुधवार को निरीक्षण का काम कर सकते हैं। अगर निरीक्षण में पुल वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार पाया जाता है तो वीरवार को पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। मंगलवार को वाहनों की आवाजाही जम्मू से श्रीनगर की तरफ रखी गई थी। लेकिन बड़े वाहनों के लिए समय निर्धारित किया गया था।
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उधमपुर से घाटी जाने वाले वाहनों के लिए सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक समय निर्धारित किया था। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में ट्रक घाटी की तरफ रवाना हुए। लेकिन दोपहर के एक बजते ही ट्रकों के घाटी जाने पर प्रतिबंध लगा दिया। छोटे वाहन सुबह से रात तक दोनों तरफ से चलते रहे। रोके जाने के बाद उधमपुर के विभिन्न हिस्सों में फिर से ट्रकों की लंबी कतार लग गई। इनको अब बुधवार को घाटी की तरफ जाने की अनुमति मिल सकती है।