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राष्ट्रीय राजमार्ग पर दिन भर वाहनों की आवाजाही रही प्रभावित
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उधमपुर/रामबन। रामबन के विभिन्न हिस्सों में बार बार पस्सियां गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को दिन भर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इसी कारण उधमपुर में रोके गए ट्रकों को लगातार चौथे दिन भी घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली। यातायात पुलिस के आदेशानुसार मंगलवार को भी मालवाहक ऐसे ही खड़े रहेंगे।
दिन भर चालक आगे बढ़ने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे। पुलिस के जारी निर्देशों के अनुसार ट्रकों को मंगलवार को भी घाटी जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। केवल छोटे यात्री वाहन ही घाटी की तरफ चल सकेंगे। करीब एक सप्ताह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। तीन दिन बाद रविवार रात को राष्ट्रीय राजमार्ग को एकतरफा खोला गया था।
फंसे हुए सैकड़ों वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया था। रात को वाहन चल ही रहे थे कि फिर से मौसम बिगड़ गया, और बारिश होने पर रामबन के मगरकोट, पंथयाल, मारोग, कैफेटेरिया मोड़ व अन्य कई स्थानों पर पस्सियां गिरना शुरू हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग फिर बंद हो गया। खराब मौसम के कारण रात को राजमार्ग को खोलने का काम नहीं किया जा सका। लेकिन, सोमवार को मौसम में सुधार होते ही मशीनरी पस्सियां व पत्थर हटाने के कार्य में जुट गई।
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कई बार पत्थर गिरे और राजमार्ग को बंद किया गया। फिर वाहनों की आवाजाही को शुरू कर दिया गया। शाम को यातायात पुलिस ने मंगलवार के लिए निर्देश भी जारी कर दिए, जिसमें कहा गया कि मौसम के साफ होने पर मंगलवार को राजमार्ग पर दोनों तरफ केवल छोटे यात्री वाहन चलेंगे। ट्रकों के साथ मिनी बस और बसों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। वहीं, उधमपुर में रोके गए सैकड़ों ट्रकों के चालकों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चालकों का कहना है कि अगर जल्द जाने नहीं दिया गया तो उनके ट्रकों में लदा सामान खराब हो जाएगा। उनको बहुत नुकसान झेलना पड़ेगा।
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चौथे दिन भी रुक-रुक जारी रही आवाजाही
घंटों मशक्कत करने के बाद सुबह करीब 11 बजे पस्सियां हटाने में कामयाबी मिली। बीच में फंसे वाहनों को श्रीनगर और जम्मू की तरफ रवाना किया गया। वाहन चल ही रहे थे कि फिर से पहाड़ से पत्थर गिरने लगे। जब पत्थर गिरते तो वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया जाता। मशीनरी के पत्थर हटाने के बाद फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाती। इसके बाद शाम तक वाहनों की आवाजाही इसी तरह से चलती रही।
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दिन भर चालक आगे बढ़ने की अनुमति मिलने का इंतजार करते रहे। पुलिस के जारी निर्देशों के अनुसार ट्रकों को मंगलवार को भी घाटी जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। केवल छोटे यात्री वाहन ही घाटी की तरफ चल सकेंगे। करीब एक सप्ताह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित है। इसमें सुधार नहीं हो पा रहा है। तीन दिन बाद रविवार रात को राष्ट्रीय राजमार्ग को एकतरफा खोला गया था।
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फंसे हुए सैकड़ों वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया था। रात को वाहन चल ही रहे थे कि फिर से मौसम बिगड़ गया, और बारिश होने पर रामबन के मगरकोट, पंथयाल, मारोग, कैफेटेरिया मोड़ व अन्य कई स्थानों पर पस्सियां गिरना शुरू हो गई। राष्ट्रीय राजमार्ग फिर बंद हो गया। खराब मौसम के कारण रात को राजमार्ग को खोलने का काम नहीं किया जा सका। लेकिन, सोमवार को मौसम में सुधार होते ही मशीनरी पस्सियां व पत्थर हटाने के कार्य में जुट गई।
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कई बार पत्थर गिरे और राजमार्ग को बंद किया गया। फिर वाहनों की आवाजाही को शुरू कर दिया गया। शाम को यातायात पुलिस ने मंगलवार के लिए निर्देश भी जारी कर दिए, जिसमें कहा गया कि मौसम के साफ होने पर मंगलवार को राजमार्ग पर दोनों तरफ केवल छोटे यात्री वाहन चलेंगे। ट्रकों के साथ मिनी बस और बसों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। वहीं, उधमपुर में रोके गए सैकड़ों ट्रकों के चालकों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। चालकों का कहना है कि अगर जल्द जाने नहीं दिया गया तो उनके ट्रकों में लदा सामान खराब हो जाएगा। उनको बहुत नुकसान झेलना पड़ेगा।
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चौथे दिन भी रुक-रुक जारी रही आवाजाही
घंटों मशक्कत करने के बाद सुबह करीब 11 बजे पस्सियां हटाने में कामयाबी मिली। बीच में फंसे वाहनों को श्रीनगर और जम्मू की तरफ रवाना किया गया। वाहन चल ही रहे थे कि फिर से पहाड़ से पत्थर गिरने लगे। जब पत्थर गिरते तो वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया जाता। मशीनरी के पत्थर हटाने के बाद फिर से वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाती। इसके बाद शाम तक वाहनों की आवाजाही इसी तरह से चलती रही।