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Udhampur News: सुरक्षित होगी प्राचीन विरासत, 65,000 घरों में चलेगा हर घर दस्तक अभियान
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- मिशन ज्ञान भारतम् के तहत ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए प्रशासन ने कसी कमर
किश्तवाड़। जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में न्यू डीसी ऑफिस सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मिशन ज्ञान भारतम् के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की गई।
संस्कृति मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल के जरिये दुर्लभ पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान का वैज्ञानिक संरक्षण व डिजिटलीकरण किया जाएगा। उपायुक्त ने जिले के लगभग 65,000 घरों के सर्वे के लिए हर घर दस्तक अभियान की एलान किया। सर्वे को सफल बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। वीएलडब्ल्यू, बीएलओ, स्वयं सहायता समूह, नंबरदार और चौकीदार घर-घर जाकर पांडुलिपियों की पहचान करेंगे। अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक पंचायत का सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त ने जियारत शाह फरीद-उद-दीन साहिब, जियारत शाह अस्रार-उद-दीन साहिब, सरथल देवी माता मंदिर, मचैल माता मंदिर और नागसेनी के बौद्ध धरोहर स्थल सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मिशन के सुचारू संचालन के लिए समिति का गठन किया जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त नोडल अधिकारी के रूप में करेंगे।
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एआई और वैज्ञानिक तकनीक से होगा डिजिटाइजेशन
बैठक के दौरान बताया गया कि खोजी गई पांडुलिपियों को केवल इकट्ठा नहीं किया जाएगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक वैज्ञानिक विधियों की मदद से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उपायुक्त स्वयं मिशन की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। बैठक में एडीसी पवन कोटवाल, सीपीओ अखिल ठाकुर, एसीडी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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किश्तवाड़। जिले की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सहेजने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में न्यू डीसी ऑफिस सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मिशन ज्ञान भारतम् के प्रभावी क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की गई।
संस्कृति मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल के जरिये दुर्लभ पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान का वैज्ञानिक संरक्षण व डिजिटलीकरण किया जाएगा। उपायुक्त ने जिले के लगभग 65,000 घरों के सर्वे के लिए हर घर दस्तक अभियान की एलान किया। सर्वे को सफल बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक में पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। वीएलडब्ल्यू, बीएलओ, स्वयं सहायता समूह, नंबरदार और चौकीदार घर-घर जाकर पांडुलिपियों की पहचान करेंगे। अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम एक पंचायत का सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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उपायुक्त ने जियारत शाह फरीद-उद-दीन साहिब, जियारत शाह अस्रार-उद-दीन साहिब, सरथल देवी माता मंदिर, मचैल माता मंदिर और नागसेनी के बौद्ध धरोहर स्थल सहित कई ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। मिशन के सुचारू संचालन के लिए समिति का गठन किया जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त नोडल अधिकारी के रूप में करेंगे।
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एआई और वैज्ञानिक तकनीक से होगा डिजिटाइजेशन
बैठक के दौरान बताया गया कि खोजी गई पांडुलिपियों को केवल इकट्ठा नहीं किया जाएगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक वैज्ञानिक विधियों की मदद से डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उपायुक्त स्वयं मिशन की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। बैठक में एडीसी पवन कोटवाल, सीपीओ अखिल ठाकुर, एसीडी मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।