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भद्रवाह में सेना कर रही मिलिट्री स्कूलों में दाखिले के लिए कोचिंग कक्षाओं का संचालन,
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भद्रवाह में सेना की तरफ से शुरू की कोचिंग कक्षाओं में विद्यार्थियों से बात करते सेना के अधिकारी
- फोटो : UDHAMPUR
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भद्रवाह। भद्रवाह स्थित राष्ट्रीय राइफल्स इकाई ने छात्रों को सैन्य स्कूलों में प्रवेश के लिए प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान किया। साथ ही उनके बीच निशुल्क अध्ययन सामग्री बांटी।
4आरआर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि दो महीने तक चलने वाली इन प्रशिक्षण कक्षाओं में डोडा जिले के विभिन्न गांवों के 65 बच्चों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च अध्ययन की तैयारी में मदद करना था। जिन्हें अप्रैल 2020 से स्कूल बंद होने के कारण बहुत नुकसान हुआ है।
अफसर ने कहा कि सेना के 4राष्ट्रीय राइफल्स ने नवंबर के पहले सप्ताह में सब डिवीजन ठाठरी और गंदोह के अलावा अतिरिक्त जिला भद्रवाह के ग्रामीण छात्रों के लिए हड्डल गांव में निशुल्क आवास और बोर्डिंग के साथ आवासीय कोचिंग स्कूल स्थापित किया गया था। वहीं, छात्रों, अभिभावकों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं आयोजित करने का उद्देश्य कोविड लॉकडाउन के बाद उनकी पढ़ाई में मदद करना और उन्हें सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए उनके घर-द्वार पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें तैयार करना है।
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उन्होंने कहा कि बेहतर अध्ययन के लिए छात्रों की उत्सुकता और समर्पण की प्रतिक्रिया को देखना दिल को छू लेने वाला है। विशेष रूप से 65 छात्रों में से 39 लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में अधिक है। युवाओं को ज्ञान की शक्ति प्राप्त करने और उनके बेहतर भविष्य की तलाश करने में मदद करने के लिए सेना निकट भविष्य में इस तरह के और अधिक स्ट्रीट लाइब्रेरी खोलने की योजना बना रही है।
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विद्यार्थियों ने की सेना की सराहना
कक्षा नौ की छात्रा भूमिका देवी ने कहा कि वह हमेशा सैनिक स्कूल में पढ़ने और सेना में शामिल होने की इच्छा रखती थी, लेकिन यह कभी नहीं जानती थी कि यह कैसे करना है? अब वह खुद को विशेषाधिकार प्राप्त मानती हैं, क्योंकि सेना ने उन्हें वह मंच प्रदान किया, जहां से वह अपने सपने पूरा कर सकती हैं। गांव सेहरी भद्रवाह की रहने वाले एक अन्य छात्रा रक्ता देवी ने कहा कि उसके पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं। निजी प्रशिक्षण का खर्च उठाने के लिए उनके पास संसाधन नहीं हैं। सौभाग्य से सेना ने न केवल आवश्यक प्रशिक्षण दिया, बल्कि मुफ्त भोजन और आवास भी दे रही है। किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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4आरआर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर ने कहा कि दो महीने तक चलने वाली इन प्रशिक्षण कक्षाओं में डोडा जिले के विभिन्न गांवों के 65 बच्चों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च अध्ययन की तैयारी में मदद करना था। जिन्हें अप्रैल 2020 से स्कूल बंद होने के कारण बहुत नुकसान हुआ है।
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अफसर ने कहा कि सेना के 4राष्ट्रीय राइफल्स ने नवंबर के पहले सप्ताह में सब डिवीजन ठाठरी और गंदोह के अलावा अतिरिक्त जिला भद्रवाह के ग्रामीण छात्रों के लिए हड्डल गांव में निशुल्क आवास और बोर्डिंग के साथ आवासीय कोचिंग स्कूल स्थापित किया गया था। वहीं, छात्रों, अभिभावकों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि गरीब छात्रों के लिए कोचिंग कक्षाएं आयोजित करने का उद्देश्य कोविड लॉकडाउन के बाद उनकी पढ़ाई में मदद करना और उन्हें सैनिक स्कूलों में प्रवेश के लिए उनके घर-द्वार पर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें तैयार करना है।
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उन्होंने कहा कि बेहतर अध्ययन के लिए छात्रों की उत्सुकता और समर्पण की प्रतिक्रिया को देखना दिल को छू लेने वाला है। विशेष रूप से 65 छात्रों में से 39 लड़कियों की संख्या लड़कों की तुलना में अधिक है। युवाओं को ज्ञान की शक्ति प्राप्त करने और उनके बेहतर भविष्य की तलाश करने में मदद करने के लिए सेना निकट भविष्य में इस तरह के और अधिक स्ट्रीट लाइब्रेरी खोलने की योजना बना रही है।
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विद्यार्थियों ने की सेना की सराहना
कक्षा नौ की छात्रा भूमिका देवी ने कहा कि वह हमेशा सैनिक स्कूल में पढ़ने और सेना में शामिल होने की इच्छा रखती थी, लेकिन यह कभी नहीं जानती थी कि यह कैसे करना है? अब वह खुद को विशेषाधिकार प्राप्त मानती हैं, क्योंकि सेना ने उन्हें वह मंच प्रदान किया, जहां से वह अपने सपने पूरा कर सकती हैं। गांव सेहरी भद्रवाह की रहने वाले एक अन्य छात्रा रक्ता देवी ने कहा कि उसके पिता एक दिहाड़ी मजदूर हैं। निजी प्रशिक्षण का खर्च उठाने के लिए उनके पास संसाधन नहीं हैं। सौभाग्य से सेना ने न केवल आवश्यक प्रशिक्षण दिया, बल्कि मुफ्त भोजन और आवास भी दे रही है। किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।