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छात्रों ने जाने जल संचयन के लाभ
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उधमपुर: गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज नीली नाला में नेशनल साइंस डे पर कार्यक्रम किया गया.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में जीडीसी नीली नाला की एनएसएस इकाई ने ईवीएस विभाग और आई-एसटीईएम के सहयोग से कॉलेज में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज प्राचार्य डॉ. सतिंदर कौर के मार्गदर्शन में किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्यक्रम के पहले दिन 26 फरवरी 2022 को रेन वाटर हार्वेस्टिंग वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
प्राचार्य ने छात्रों को वर्षा जल संचयन के लाभों के बारे में बताया। कहा कि वर्षा जल संचयन लोगों के लिए विशेष रूप से उन क्षेत्रों में फायदेमंद है जहां पानी की भारी कमी है। गतिविधि में छात्रों ने जल संचयन, जल संरक्षण, आदि पर अपने मॉडल प्रदर्शित किए। मॉडल का निर्णय प्रो. शाइस्ता यास्मीन और डॉ. अख्तर हुसैन ने किया। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले छात्रों ने प्रिंसिपल, स्टाफ सदस्यों और अन्य लोगों को मॉडल के बारे में जानकारी दी और बताया कि सतत विकास के लिए वर्षा जल संचयन फायदेमंद है।
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इस प्रदर्शनी में मोहम्मद आजम और उनकी टीम ने पहला, अश्विनी कुमार व मनीषा डोगरा की टीम ने दूसरा और सोनिका शर्मा व अंकुश कुमार की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेताओं को क्रमश: 500, 400 और 300 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। प्राचार्य ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और प्रदर्शनी के विजेताओं को बधाई दी।
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छात्रों ने कौशल विकास पर की चर्चा
कार्यक्रम के अंतिम दिन 28 फरवरी को कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय पहल आई-एसटीईएम विषय पर आयोजित वेबिनार में भाग लिया। वेबिनार दो नए मॉड्यूल- कौशल भारत (कौशल विकास) और रोजगार अवसर (रोजगार के अवसर) की शुरुआत पर था। वेबिनार के अंत में छात्रों ने चर्चा सत्र में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा शिक्षित भारत के तहत स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता विषय पर एक ऑफलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में कुल छह टीमों (दो छात्रों को मिलाकर) ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में सेमेस्टर प्रथम की रूपाली राजपूत व सुनैना देवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का निर्णय प्रो. स्वाति दत्त और डॉ. अख्तर हुसैन ने किया। कार्यक्रम की संयोजक एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राधा रानी थीं। कार्यक्रम के आयोजक आसिफ अब्दुल्ला बाबा और मनदीप कौर थीं।
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कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज प्राचार्य डॉ. सतिंदर कौर के मार्गदर्शन में किया गया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत कार्यक्रम के पहले दिन 26 फरवरी 2022 को रेन वाटर हार्वेस्टिंग वर्किंग मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
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प्राचार्य ने छात्रों को वर्षा जल संचयन के लाभों के बारे में बताया। कहा कि वर्षा जल संचयन लोगों के लिए विशेष रूप से उन क्षेत्रों में फायदेमंद है जहां पानी की भारी कमी है। गतिविधि में छात्रों ने जल संचयन, जल संरक्षण, आदि पर अपने मॉडल प्रदर्शित किए। मॉडल का निर्णय प्रो. शाइस्ता यास्मीन और डॉ. अख्तर हुसैन ने किया। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले छात्रों ने प्रिंसिपल, स्टाफ सदस्यों और अन्य लोगों को मॉडल के बारे में जानकारी दी और बताया कि सतत विकास के लिए वर्षा जल संचयन फायदेमंद है।
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इस प्रदर्शनी में मोहम्मद आजम और उनकी टीम ने पहला, अश्विनी कुमार व मनीषा डोगरा की टीम ने दूसरा और सोनिका शर्मा व अंकुश कुमार की टीम ने तीसरा स्थान हासिल किया। विजेताओं को क्रमश: 500, 400 और 300 रुपये का नकद पुरस्कार भी दिया गया। प्राचार्य ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और प्रदर्शनी के विजेताओं को बधाई दी।
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छात्रों ने कौशल विकास पर की चर्चा
कार्यक्रम के अंतिम दिन 28 फरवरी को कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय पहल आई-एसटीईएम विषय पर आयोजित वेबिनार में भाग लिया। वेबिनार दो नए मॉड्यूल- कौशल भारत (कौशल विकास) और रोजगार अवसर (रोजगार के अवसर) की शुरुआत पर था। वेबिनार के अंत में छात्रों ने चर्चा सत्र में भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा शिक्षित भारत के तहत स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता विषय पर एक ऑफलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में कुल छह टीमों (दो छात्रों को मिलाकर) ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में सेमेस्टर प्रथम की रूपाली राजपूत व सुनैना देवी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता का निर्णय प्रो. स्वाति दत्त और डॉ. अख्तर हुसैन ने किया। कार्यक्रम की संयोजक एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राधा रानी थीं। कार्यक्रम के आयोजक आसिफ अब्दुल्ला बाबा और मनदीप कौर थीं।