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Udhampur News: लंबे समय तक ईयरफोन या हेडफोन के इस्तेमाल से संक्रमण का खतरा
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उधमपुर। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग चलते-फिरते, काम करते हुए और यहां तक कि सोते समय भी ईयरफोन और ईयरबड्स लगाए रखते हैं। खासकर युवाओं में आदत आम हो गई है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे गंभीर चिंता का विषय मानते हैं। इनका जरूरत से ज्यादा उपयोग सुनने की क्षमता कमजोर कर सकता है। लंबे समय तक और ऊंची आवाज में सुनने से संक्रमण का खतरा तक बढ़ जाता है।
अगर व्यक्ति दिनभर ईयरफोन या ईयरबड्स का उपयोग करता है तो कानों में हवा का प्रवाह रुक जाता है। इससे नमी और गर्मी बढ़ती है जो बैक्टीरिया और फंगस का कारण बनती है। कान में दर्द, खुजली और संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तेज आवाज में लंबे समय तक संगीत सुनना सबसे बड़ा खतरा है। जब लोग फुल वॉल्यूम पर गाने सुनते हैं तो ध्वनि तरंगें सीधे कान के पर्दे पर असर डालती हैं। इससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कमजोर होने लगती है और कई मामलों में स्थायी नुकसान भी हो सकता है। कई लोग शुरुआत में हल्की सुनने की कमी को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन समय के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
पिन व तीली से न करें खुजली
कई बार लोग कान में खुजली होने पर पिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते हैं। यह आदत खतरनाक है क्योंकि इससे घाव हो सकता है और पर्दा भी प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का उपयोग जरूरी है लेकिन संतुलन बनाए रखना उससे भी ज्यादा जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है इसलिए सतर्क रहना ही समझदारी है।
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कान में दर्द, पानी आना, सुनने में कमी या लगातार खुजली जैसी समस्या हो तो घरेलू नुस्खे न आजमा कर तुरंत जांच करानी चाहिए। समय रहते इलाज करवाने से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।
-डॉ. अदनान अमीन, चिकित्सक।
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अगर व्यक्ति दिनभर ईयरफोन या ईयरबड्स का उपयोग करता है तो कानों में हवा का प्रवाह रुक जाता है। इससे नमी और गर्मी बढ़ती है जो बैक्टीरिया और फंगस का कारण बनती है। कान में दर्द, खुजली और संक्रमण जैसी समस्याएं होने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार तेज आवाज में लंबे समय तक संगीत सुनना सबसे बड़ा खतरा है। जब लोग फुल वॉल्यूम पर गाने सुनते हैं तो ध्वनि तरंगें सीधे कान के पर्दे पर असर डालती हैं। इससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कमजोर होने लगती है और कई मामलों में स्थायी नुकसान भी हो सकता है। कई लोग शुरुआत में हल्की सुनने की कमी को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन समय के साथ यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।
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पिन व तीली से न करें खुजली
कई बार लोग कान में खुजली होने पर पिन, माचिस की तीली या अन्य नुकीली चीजों का इस्तेमाल करते हैं। यह आदत खतरनाक है क्योंकि इससे घाव हो सकता है और पर्दा भी प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक का उपयोग जरूरी है लेकिन संतुलन बनाए रखना उससे भी ज्यादा जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भविष्य में बड़ी समस्या बन सकती है इसलिए सतर्क रहना ही समझदारी है।
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कान में दर्द, पानी आना, सुनने में कमी या लगातार खुजली जैसी समस्या हो तो घरेलू नुस्खे न आजमा कर तुरंत जांच करानी चाहिए। समय रहते इलाज करवाने से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।
-डॉ. अदनान अमीन, चिकित्सक।