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Udhampur News: डोगरी हट पर सैलानियों चखा रहीं डोगरी व्यंजनों का स्वाद
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अपने डोगरी हट नामक ढाबे पर काम करतीं सविता देवी।
स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ सविता देवी ने आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरसू नाला क्षेत्र में डोगरी हट की शुरुआत कर सविता देवी ने न सिर्फ यात्रियों को शुद्ध डोगरी व्यंजन परोसने का काम शुरू किया है बल्कि इससे वे खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हुए महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रहीं हैं।
अपने ढाबे पर वे शुद्ध देसी अनारदाने और पुदीने की चटनी, टिंबरू की चटनी, सरसों का साग, मक्की की रोटी, राजमा-चावल के साथ अंबल और खासतौर पर देसी कलाड़ी परोसती हैं। सविता काफी समय से उम्मीद सेल्फ हेल्प ग्रुप के साथ जुड़ी हुई हैं और अब उन्होंने अपनी अन्य सहयोगियों की मदद से नई पारी की शुरुआत की है।
सविता देवी का कहना है कि करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने इस नए काम को शुरू किया है। डोगरी हट नाम के इस ढाबे को शुरू करने की पीछे का मकसद एक तो अपने डोगरी संस्कृति को बढ़ावा देना है और दूसरा ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली शुद्ध कलाड़ी, अनारदाना, टिंबरू इत्यादि चीजों के अनोखे स्वाद से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रूबरू कराना है।
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उनका कहना है कि इस काम को शुरू करने में परिवार और गांववासियों का काफी सहयोग मिला है। मन में चाहत बचपन से ही कुछ अलग करने की थी लेकिन घर परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद का रोजगार शुरू करना काफी मुश्किल था। उम्मीद सेल्फ हेल्प ग्रुप की अन्य महिलाओं और क्षेत्र के स्थानीय जन प्रतिनिधियों के समर्थन से आज खुद का रोजगार शुरू कर पाई हूं। अन्य सभी महिलाओं को भी यही संदेश है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरसू नाला क्षेत्र में डोगरी हट की शुरुआत कर सविता देवी ने न सिर्फ यात्रियों को शुद्ध डोगरी व्यंजन परोसने का काम शुरू किया है बल्कि इससे वे खुद को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनते हुए महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश कर रहीं हैं।
अपने ढाबे पर वे शुद्ध देसी अनारदाने और पुदीने की चटनी, टिंबरू की चटनी, सरसों का साग, मक्की की रोटी, राजमा-चावल के साथ अंबल और खासतौर पर देसी कलाड़ी परोसती हैं। सविता काफी समय से उम्मीद सेल्फ हेल्प ग्रुप के साथ जुड़ी हुई हैं और अब उन्होंने अपनी अन्य सहयोगियों की मदद से नई पारी की शुरुआत की है।
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सविता देवी का कहना है कि करीब तीन महीने पहले ही उन्होंने इस नए काम को शुरू किया है। डोगरी हट नाम के इस ढाबे को शुरू करने की पीछे का मकसद एक तो अपने डोगरी संस्कृति को बढ़ावा देना है और दूसरा ग्रामीण इलाकों में मिलने वाली शुद्ध कलाड़ी, अनारदाना, टिंबरू इत्यादि चीजों के अनोखे स्वाद से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रूबरू कराना है।
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उनका कहना है कि इस काम को शुरू करने में परिवार और गांववासियों का काफी सहयोग मिला है। मन में चाहत बचपन से ही कुछ अलग करने की थी लेकिन घर परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद का रोजगार शुरू करना काफी मुश्किल था। उम्मीद सेल्फ हेल्प ग्रुप की अन्य महिलाओं और क्षेत्र के स्थानीय जन प्रतिनिधियों के समर्थन से आज खुद का रोजगार शुरू कर पाई हूं। अन्य सभी महिलाओं को भी यही संदेश है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें, मंजिल जरूर मिलेगी।