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सेना ने मचैल यात्रियों को समर्पित किया कुंडेल पुल
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फोटो....भारतीय सेना अधिकारियों व स्थानीय नेताओं ने मचैल यात्रियों को कुंडेल पुल को समर्पित किया।
- फोटो : UDHAMPUR
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किश्तवाड़। जिले के उपमंडल पाडर में मचैल यात्रियों के लिए कुंडेल पुल सोमवार को सभी औपचारिकताएं पूरी कर बहाल कर दिया गया है। सेना के अधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने इसका उद्घाटन किया।
सोमवार को यह पुल फीता काटकर मचैल यात्रियों व स्थानीय लोगों को समर्पित किया गया। हालांकि, अभी भी इस पुल पर एक तरफ से सीढ़ियां न बनाये जाने के कारण खच्चर, आदि को नहीं लाया जा सकता। इसका काम जारी है। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 50 से अधिक सेना अभियंता व जवान इसे बनाने में लगे थे, जिन्होंने तय समय सीमा में पुल तैयार किया है।
कहा कि मचैल यात्रा शुरू होने के दो-तीन दिन बाद ही इसे तैयार किया गया है। सेना के जवान और स्थानीय मजदूरों ने दो हफ्ते में अंतिम निर्माण पूरा किया। सेना के 40 ट्रकों ने पठानकोट से पुल का सामान पहुंचाया। पुल का निर्माण नागरिक प्रशासन, सेना और निजी संस्थाओं के बीच संयुक्त कौशल का एक अनूठा उदाहरण है। जो भी इस पुल से गुजरता है, जय माता की के अलावा सेना की भी जयकार करता है।
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गौरतलब है कि पिछले वर्ष 27 जुलाई की रात्रि को बादल फटने और भोट नाले में बाढ़ आने के कारण एक पुराना लकड़ी का पुल बह गया था। इस वर्ष उस पर एक और लकड़ी का पुल बनाया था, परंतु पिछले माह 3 जुलाई को फिर से भोट नाले में बाढ़ आने के कारण वह भी बह गया। तब से लगभग एक माह से इस पुल का निर्माण सेना कर रही थी।
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सोमवार को यह पुल फीता काटकर मचैल यात्रियों व स्थानीय लोगों को समर्पित किया गया। हालांकि, अभी भी इस पुल पर एक तरफ से सीढ़ियां न बनाये जाने के कारण खच्चर, आदि को नहीं लाया जा सकता। इसका काम जारी है। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि लगभग 50 से अधिक सेना अभियंता व जवान इसे बनाने में लगे थे, जिन्होंने तय समय सीमा में पुल तैयार किया है।
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कहा कि मचैल यात्रा शुरू होने के दो-तीन दिन बाद ही इसे तैयार किया गया है। सेना के जवान और स्थानीय मजदूरों ने दो हफ्ते में अंतिम निर्माण पूरा किया। सेना के 40 ट्रकों ने पठानकोट से पुल का सामान पहुंचाया। पुल का निर्माण नागरिक प्रशासन, सेना और निजी संस्थाओं के बीच संयुक्त कौशल का एक अनूठा उदाहरण है। जो भी इस पुल से गुजरता है, जय माता की के अलावा सेना की भी जयकार करता है।
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गौरतलब है कि पिछले वर्ष 27 जुलाई की रात्रि को बादल फटने और भोट नाले में बाढ़ आने के कारण एक पुराना लकड़ी का पुल बह गया था। इस वर्ष उस पर एक और लकड़ी का पुल बनाया था, परंतु पिछले माह 3 जुलाई को फिर से भोट नाले में बाढ़ आने के कारण वह भी बह गया। तब से लगभग एक माह से इस पुल का निर्माण सेना कर रही थी।

फोटो....भारतीय सेना अधिकारियों व स्थानीय नेताओं ने मचैल यात्रियों को कुंडेल पुल को समर्पित किया।- फोटो : UDHAMPUR