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मार्ग पर दिखी नाले की गंदगी, मजबूरन लोगों ने बदला मार्ग
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उधमपुर: बाजार से देविका की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर बहता गंदे नाले का पानी.
- फोटो : UDHAMPUR
उधमपुर। शहर में जल निकासी की व्यवस्था करने में नगर परिषद कामयाब नहीं हो पा रही है। इसका एक उदाहरण सोमवार को देखने मिला। देविका जाने वाले मार्ग पर बना नाला गंदगी से भरा पड़ा है। पानी की उचित निकासी न होने के कारण सोमवार को यह नाला उफन गया, और सारी गंदगी मार्ग पर आ गिरी। इससे राहगीर परेशान रहे।
दिन भर देविका के मंदिरों और श्मशान घाट की ओर जाने वाले लोग परेशानियों का सामना करने को मजबूर रहे। इसका एक असर यह भी हुआ कि देविका मार्ग पर दुकानों को भी दिन भर के लिए बंद रखना पड़ा। शहर के गोल मार्केट से एक पैदल मार्ग देविका के मंदिरों और श्मशान घाट की तरफ जाता है। इस मार्ग पर हर रोज सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। इसके किनारे पर शहर की गंदगी को बाहर फेंकने वाला नाला भी है, जोकि हमेशा गंदगी से भरा रहता है। जब जल की निकासी नहीं हो पाती तो नाले की गंदगी मार्ग पर फैल जाती है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।
रविवार रात को किसी ने अपने घर के सेप्टिक टैंक को खाली करवाया। इसका मलबा जब नाले में पहुंचा तो निकासी न होने पर सारा मलबा देविका जाने वाले मार्ग पर फैल गया। इस दौरान लोगों को चलने के लिए भी रास्ता नहीं मिल रहा था। इस मार्ग पर एक छोटी सा बाजार भी है। जब मार्ग गंदगी से भर गया तो दुकानदारों को मजबूरन अपनी दुकानों को बंद रखना पड़ा। लोगों का कहना था कि नप आज तक शहर में जल निकासी की व्यवस्था नहीं कर पाई है। शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से पटे पड़े हैं। बारिश होने पर इनका पानी सड़कों पर बहने लगता है।
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जब मुझे इसके बारे में सूचना मिली तो सफाई कर्मचारियों को मौके पर बुलाकर गंदगी हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। दोपहर तक मार्ग पर फैली गंदगी को हटा दिया गया। बंद नाले की निकासी की स्थायी व्यवस्था का भी प्रबंध किया जा रहा है।
- अनिल अरोड़ा, पार्षद वार्ड 10
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दिन भर देविका के मंदिरों और श्मशान घाट की ओर जाने वाले लोग परेशानियों का सामना करने को मजबूर रहे। इसका एक असर यह भी हुआ कि देविका मार्ग पर दुकानों को भी दिन भर के लिए बंद रखना पड़ा। शहर के गोल मार्केट से एक पैदल मार्ग देविका के मंदिरों और श्मशान घाट की तरफ जाता है। इस मार्ग पर हर रोज सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। इसके किनारे पर शहर की गंदगी को बाहर फेंकने वाला नाला भी है, जोकि हमेशा गंदगी से भरा रहता है। जब जल की निकासी नहीं हो पाती तो नाले की गंदगी मार्ग पर फैल जाती है, जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती है।
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रविवार रात को किसी ने अपने घर के सेप्टिक टैंक को खाली करवाया। इसका मलबा जब नाले में पहुंचा तो निकासी न होने पर सारा मलबा देविका जाने वाले मार्ग पर फैल गया। इस दौरान लोगों को चलने के लिए भी रास्ता नहीं मिल रहा था। इस मार्ग पर एक छोटी सा बाजार भी है। जब मार्ग गंदगी से भर गया तो दुकानदारों को मजबूरन अपनी दुकानों को बंद रखना पड़ा। लोगों का कहना था कि नप आज तक शहर में जल निकासी की व्यवस्था नहीं कर पाई है। शहर के ज्यादातर नाले गंदगी से पटे पड़े हैं। बारिश होने पर इनका पानी सड़कों पर बहने लगता है।
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जब मुझे इसके बारे में सूचना मिली तो सफाई कर्मचारियों को मौके पर बुलाकर गंदगी हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। दोपहर तक मार्ग पर फैली गंदगी को हटा दिया गया। बंद नाले की निकासी की स्थायी व्यवस्था का भी प्रबंध किया जा रहा है।
- अनिल अरोड़ा, पार्षद वार्ड 10