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हादसों को न्योता दे रहा आंबेडकर कॉलोनी में 5 वर्षों से खुला नाला
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उधमपुर: वार्ड नंबर 19 के अंबेडकर कॉलोनी में सेंट्रल नाले के खिलाफ टूटी हुई.
- फोटो : UDHAMPUR
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हादसों को न्योता दे रहा आंबेडकर कॉलोनी में 5 वर्षों से खुला नाला
प्रशासन से लोग कर रहे स्लैब डालने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। वार्ड 19 की आंबेडकर कॉलोनी में खुला पड़ा नाला हादसों को न्योता दे रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि वे लगभग पांच वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गली में बने इस सेंट्रल ड्रेन पर स्लैब डालने के काम को अधूरा छोड़ दिया गया था, जो अब हादसों का कारक बना हुआ है। राहगीरों के अलावा दोपहिया वाहनों के लिए भी यहां हादसों का जोखिम बढ़ा है। इसके बावजूद नाले पर स्लैब डालने का काम पूरा नहीं किया जा रहा। नाले के दोनों किनारों से स्लैब डालने के लिए डाली गई सरिया अब हादसों के डर पैदा कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के अलावा बीमार बुजुर्गों का गली से अकेला गुजरना मुश्किल है। निकाय चुनाव के बाद समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन, करीब चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए, प्रशासन से मांग है कि जल्द नाले पर स्लैब डालकर समस्या से राहत दी जाए।
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प्रशासन से लोग कर रहे स्लैब डालने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। वार्ड 19 की आंबेडकर कॉलोनी में खुला पड़ा नाला हादसों को न्योता दे रहा है। इससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि वे लगभग पांच वर्षों से इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि गली में बने इस सेंट्रल ड्रेन पर स्लैब डालने के काम को अधूरा छोड़ दिया गया था, जो अब हादसों का कारक बना हुआ है। राहगीरों के अलावा दोपहिया वाहनों के लिए भी यहां हादसों का जोखिम बढ़ा है। इसके बावजूद नाले पर स्लैब डालने का काम पूरा नहीं किया जा रहा। नाले के दोनों किनारों से स्लैब डालने के लिए डाली गई सरिया अब हादसों के डर पैदा कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के अलावा बीमार बुजुर्गों का गली से अकेला गुजरना मुश्किल है। निकाय चुनाव के बाद समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी थी। लेकिन, करीब चार वर्ष बीत जाने के बाद भी इस समस्या को दूर करने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए, प्रशासन से मांग है कि जल्द नाले पर स्लैब डालकर समस्या से राहत दी जाए।
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