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डेंगू व मलेरिया से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार
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उधमपुर। गर्मी शुरू होने के साथ ही जिले में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां होने का डर फैलने लगा है। हालांकि, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले से ही सतर्क है। इसलिए, स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है।
2021 में सावधानी न रखे जाने के कारण जिले में डेंगू के रिकार्ड 110 मामले सामने आए थे। हालांकि, समय पर जानकारी मिलने से इन मरीजों को बचा लिया गया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले ही सतर्क हो चुका है। वह लोगों को जागरूक करने के साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर इसके लिए तैयार कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मलेरिया पर काफी हद तक काबू पा लिया है। वर्ष 2021 में केवल एक ही मामला सामने आया था। लेकिन, अब विभाग के लिए डेंगू को रोकना चुनौती है। विभाग डेंगू फैलने के संभावित इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। उन्हें डेंगू से बचाव के उपाय समझाए जा रहे हैं। जल्द ही इसके लिए जागरूकता शिविरों का भी आयोजन और हीस्लाइड टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, इस वर्ष मलेरिया व डेंगू का कोई मामला नहीं आया है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ मच्छर पनपेंगे, तो यह परेशानी शुरू होगी।
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मलेरिया व डेंगू के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया और डेंगू से पीड़ित होने पर शरीर में कंपकंपी पैदा होना, तेज बुखार होना, शरीर में तेज दर्द होना और बहुत ज्यादा पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से मलेरिया की जांच तुरंत करवाएं। अगर ज्यादा परेशानी है तो जिला अस्पताल जाकर डेंगू का टेस्ट करवाएं।
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मलेरिया व डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि अपने घर या आसपास पानी जमा न होने दें। क्योंकि, जमा साफ पानी में मलेरिया व डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा पानी को ढंक कर रखें, सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी के ड्रम, गमलों, फूलदानों और पक्षियों के बर्तन में रखे पानी को जरूर बदलें। शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें, जिससे मच्छरों के काटने से बचा जा सके। बुखार होने पर खून की जांच मलेरिया पैरासाइड के लिए करवाएं।
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मलेरिया व डेंगू को जागरूक होकर ही रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग इस पर पहले ही सतर्क होकर काम कर रहा है। लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जल्द जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे। विभाग की तरफ से पूरा प्रयास होगा कि लोग जागरूक रहें, और इस बार कोई मलेरिया व डेंगू का मामला सामने न आए।
- डॉ. मोहम्मद यासीन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उधमपुर
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2021 में सावधानी न रखे जाने के कारण जिले में डेंगू के रिकार्ड 110 मामले सामने आए थे। हालांकि, समय पर जानकारी मिलने से इन मरीजों को बचा लिया गया था। इस बार स्वास्थ्य विभाग पहले ही सतर्क हो चुका है। वह लोगों को जागरूक करने के साथ कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर इसके लिए तैयार कर रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग ने जिले में मलेरिया पर काफी हद तक काबू पा लिया है। वर्ष 2021 में केवल एक ही मामला सामने आया था। लेकिन, अब विभाग के लिए डेंगू को रोकना चुनौती है। विभाग डेंगू फैलने के संभावित इलाकों में जाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। उन्हें डेंगू से बचाव के उपाय समझाए जा रहे हैं। जल्द ही इसके लिए जागरूकता शिविरों का भी आयोजन और हीस्लाइड टेस्ट की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। हालांकि, इस वर्ष मलेरिया व डेंगू का कोई मामला नहीं आया है। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ मच्छर पनपेंगे, तो यह परेशानी शुरू होगी।
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मलेरिया व डेंगू के लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मलेरिया और डेंगू से पीड़ित होने पर शरीर में कंपकंपी पैदा होना, तेज बुखार होना, शरीर में तेज दर्द होना और बहुत ज्यादा पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसी स्थिति में लोग अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से मलेरिया की जांच तुरंत करवाएं। अगर ज्यादा परेशानी है तो जिला अस्पताल जाकर डेंगू का टेस्ट करवाएं।
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मलेरिया व डेंगू से बचाव के उपाय
डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि अपने घर या आसपास पानी जमा न होने दें। क्योंकि, जमा साफ पानी में मलेरिया व डेंगू के मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा पानी को ढंक कर रखें, सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, पानी के ड्रम, गमलों, फूलदानों और पक्षियों के बर्तन में रखे पानी को जरूर बदलें। शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनें, जिससे मच्छरों के काटने से बचा जा सके। बुखार होने पर खून की जांच मलेरिया पैरासाइड के लिए करवाएं।
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मलेरिया व डेंगू को जागरूक होकर ही रोका जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग इस पर पहले ही सतर्क होकर काम कर रहा है। लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। जल्द जागरूकता शिविर भी लगाए जाएंगे। विभाग की तरफ से पूरा प्रयास होगा कि लोग जागरूक रहें, और इस बार कोई मलेरिया व डेंगू का मामला सामने न आए।
- डॉ. मोहम्मद यासीन, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उधमपुर