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शहीद नायक बलवीर सिंह की 18वीं पुण्यतिथि पर अर्पित की पुष्पांजलि
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उधमपुर। भारतीय सेना के 9 पैरा के शहीद नायक बलवीर सिंह की 18वीं पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा के सामने देविका घाट पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन शहीद परिवार द्वारा अवेयर इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से किया गया था। इस अवसर पर एआईएफ के अध्यक्ष विमल शर्मा ने शहीद सपूत सिपाही नायक बलवीर सिंह के योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जिला उधमपुर के परोआ गांव के रहने वाले शहीद बलवीर सिंह ने 3 जुलाई 2004 को श्रीगनर के बांदीपोरा इलाके में वीरगति पाई थी। ऑपरेशन रक्षक के तहत ट्रूप कमांडर नायक बलवीर सिंह के अगुवाई में इनके पैराट्रूपर के दल को बांदीपोरा के जंगल में छिपे आतंकियों की तलाशी की जिम्मेदारी दी गई थी।
इस दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया। खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए। नायक बलवीर सिंह ने बहादुरी के साथ दुश्मन से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त किया।
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शहीद की पत्नी रजनी देवी और पुत्र दुशाल सिंह व अन्य ने भी सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। शहीद की पत्नी रजनी देवी ने राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और जुनून पर प्रकाश डाला जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से इंजीनियर मोहित शर्मा, सुभाष शर्मा, मास्टर वंश, वासु, वरुण, निर्मला देवी आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि जिला उधमपुर के परोआ गांव के रहने वाले शहीद बलवीर सिंह ने 3 जुलाई 2004 को श्रीगनर के बांदीपोरा इलाके में वीरगति पाई थी। ऑपरेशन रक्षक के तहत ट्रूप कमांडर नायक बलवीर सिंह के अगुवाई में इनके पैराट्रूपर के दल को बांदीपोरा के जंगल में छिपे आतंकियों की तलाशी की जिम्मेदारी दी गई थी।
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इस दौरान जंगल में छिपे आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया। खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए। नायक बलवीर सिंह ने बहादुरी के साथ दुश्मन से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त किया।
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शहीद की पत्नी रजनी देवी और पुत्र दुशाल सिंह व अन्य ने भी सम्मान में दो मिनट का मौन रखा। शहीद की पत्नी रजनी देवी ने राष्ट्र के प्रति उनके प्रेम और जुनून पर प्रकाश डाला जो युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इस अवसर पर प्रमुख रूप से इंजीनियर मोहित शर्मा, सुभाष शर्मा, मास्टर वंश, वासु, वरुण, निर्मला देवी आदि उपस्थित थे।