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सुरक्षा कवच: जन्म से 16 साल तक बच्चों का होता है मुफ्त टीकाकरण, संभाल कर रखें मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड

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childrens, vaccination
मनीषा ठाकुर
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उधमपुर। बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए सरकार की ओर से संचालित निशुल्क टीकाकरण अभियान सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है। नवजात शिशु से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को दी जाने वाली सुविधा जिला अस्पताल (जीएमसी) उधमपुर से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार समय पर किया गया टीकाकरण बच्चों को पोलियो, खसरा, टेटनस और डिप्थीरिया जैसी जानलेवा बीमारियों से उम्र भर के लिए सुरक्षित बनाता है।

टीकाकरण के पहले चरण में ही अस्पताल द्वारा माता-पिता को मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड दिया जाता है। इसमें बच्चे को लगने वाले सभी टीकों की तारीख दर्ज होती है ताकि अभिभावक समय पर अगला टीका लगवा सकें। जूनियर स्टाफ नर्स ललिता देवी का कहना है कि यदि अभिभावक जीएमसी नहीं आ सकते तो वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भी टीके मुफ्त लगवा सकते हैं।
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टीकाकरण के बाद रखें इन बातों का ध्यान

अक्सर टीका लगने के बाद बच्चों में कुछ सामान्य लक्षण हल्का बुखार, इंजेक्शन की जगह पर सूजन या लालपन दिखाई दे सकते हैं जिनसे घबराने की जरूरत नहीं है।

आप बच्चे को आराम करने दें। यदि बुखार ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह पर दवा दें। बहुत तेज बुखार या एलर्जी के लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें। समय पर टीकाकरण न केवल बच्चे को स्वस्थ रखता है बल्कि समाज से बीमारियों के उन्मूलन में भी सहायक है।
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उम्र के अनुसार टीकाकरण का पूरा शेड्यूल



जन्म के तत्काल बाद (24 घंटे के भीतर)

बीसीजी: टीबी के संक्रमण से सुरक्षा

हेपेटाइटिस बी : लिवर को नुकसान पहुंचाने वाले वायरस से बचाव



2. 6 से 14 सप्ताह तक (शुरुआती सुरक्षा)

ओपीवी : पोलियो वायरस के खिलाफ।

पेंटावैलेंट : एक साथ पांच बीमारियों (डिप्थीरिया, टेटनस, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी और निमोनिया) से सुरक्षा।

रोटावायरस वैक्सीन : गंभीर दस्त और डिहाइड्रेशन से बचाव

पीसीवी: निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारियों से सुरक्षा



3. 9 माह से 2 वर्ष तक (बूस्टर डोज)

मीजल्स रुबेला (एमआर): खसरा और रुबेला जैसी बीमारियों से सुरक्षा

विटामिन ए : आंखों की रोशनी और रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाने के लिए

डीपीटी बूस्टर-1 : टेटनस और काली खांसी से बचाव



4. 5 वर्ष से 16 वर्ष तक (किशोरावस्था की सुरक्षा)

5 से 6 वर्ष : डीपीटी बूस्टर-2 का टीका

10 और 16 वर्ष : टीडी वैक्सीन या टेटनस टॉक्सॉइड। यह चोट लगने पर संक्रमण और गले की गंभीर बीमारी डिप्थीरिया से सुरक्षित करता है।
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