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Udhampur News: चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है........
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कटड़ा। नवरात्र के दूसरे दिन रात 10 बजे तक 37800 श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। इस दौरान चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है... के नारों से धर्मनगरी गूंज उठी। इससे पहले नवरात्र पर करीब 45 हजार श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक पींडियों के दर्शन किए थे।
इस दौरान दिनभर हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भवन से भैरो घाटी के लिए जारी रही। हालांकि वर्ष 2023 में दूसरे नवरात्र पर करीब 41965 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। इस वर्ष 2024 में दूसरे दिन शाम छह बजे तक 30 हजार के करीब श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। गौरतलब है कि श्राइन बोर्ड के गठन के बाद भक्तों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। दो बार ऐसा मौका आया कि वार्षिक आंकड़ा एक करोड़ के पार भी हुआ, मगर इस वर्ष 95 लाख तक आंकड़ा जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवरात्र में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भवन जाने के लिए निशुल्क सेवा
कटड़ा। धर्मनगरी में नवरात्र में मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे दिव्यांग श्रद्धालु सभी सुविधाओं का निशुल्क लाभ उठा रहे हैं। दिव्यांग श्रद्धालुओं को निशुल्क सेवाएं कटड़ा के साथ ही प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी, अर्धकुवांरी मंदिर परिसर, नए ताराकोट मार्ग स्थल आदि स्थानों पर निरंतर उपलब्ध हो रही है। श्रद्धालु घोड़ा पिट्टू पालकी आदि के साथ ही बैटरी कार की सेवाओं का लाभ उठाते हुए बिना इंतजार के मां वैष्णो देवी के अलौकिक दर्शन लगातार कर रहे हैं।
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यात्रियों के लिए सुझाव
1. जिन वृद्ध और अपंग यात्रियों को हेलिकाॅप्टर टिकट प्राप्त नहीं हो पाया है, वह विकल्प रूप से पालकी सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
2. यात्रा के दौरान बच्चों को साथ ही रखें अथवा भवन पहुंचने पर उन्हें तलाशने के दिक्कत हो सकती है।
3 यात्रा का प्रथम पड़ाव कोल कंड़ोली के दर्शन के लिए 30 किलोमीटर दूर नगरोटा तक जाना होगा
4. भवन में दर्शन के बाद स्नान की प्रथा है और प्रमुख स्नान घाट पर यात्री स्नान कर सकते हैं।
5. नवरात्र के बाद कन्या पूजन का विशेष महत्व है लेकिन भवन में कन्या पूजन पर रोक है। कन्या पूजन करने के इच्छुक यात्री धर्मनगरी में पहुंच कर ऐसा करें।
मां की कहानी का आध्यात्मिक केंद्र में दूसरे नवरात्र से मंचन
कटड़ा। धर्मनगरी में तीसरे नवरात्र पर श्राइन बोर्ड के आध्यात्मिक केंद्र में नटरंग की ओर से माता की कहानी के मंचन में शनिवार को गर्भ जून की महत्ता का मंचन किया गया।
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इस दौरान दिनभर हेलिकॉप्टर और बैटरी कार सेवा भवन से भैरो घाटी के लिए जारी रही। हालांकि वर्ष 2023 में दूसरे नवरात्र पर करीब 41965 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाई थी। इस वर्ष 2024 में दूसरे दिन शाम छह बजे तक 30 हजार के करीब श्रद्धालु भवन की ओर प्रस्थान कर चुके थे। गौरतलब है कि श्राइन बोर्ड के गठन के बाद भक्तों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। दो बार ऐसा मौका आया कि वार्षिक आंकड़ा एक करोड़ के पार भी हुआ, मगर इस वर्ष 95 लाख तक आंकड़ा जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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नवरात्र में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भवन जाने के लिए निशुल्क सेवा
कटड़ा। धर्मनगरी में नवरात्र में मां वैष्णो देवी की यात्रा कर रहे दिव्यांग श्रद्धालु सभी सुविधाओं का निशुल्क लाभ उठा रहे हैं। दिव्यांग श्रद्धालुओं को निशुल्क सेवाएं कटड़ा के साथ ही प्रवेश द्वार दर्शन ड्योढ़ी, अर्धकुवांरी मंदिर परिसर, नए ताराकोट मार्ग स्थल आदि स्थानों पर निरंतर उपलब्ध हो रही है। श्रद्धालु घोड़ा पिट्टू पालकी आदि के साथ ही बैटरी कार की सेवाओं का लाभ उठाते हुए बिना इंतजार के मां वैष्णो देवी के अलौकिक दर्शन लगातार कर रहे हैं।
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यात्रियों के लिए सुझाव
1. जिन वृद्ध और अपंग यात्रियों को हेलिकाॅप्टर टिकट प्राप्त नहीं हो पाया है, वह विकल्प रूप से पालकी सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
2. यात्रा के दौरान बच्चों को साथ ही रखें अथवा भवन पहुंचने पर उन्हें तलाशने के दिक्कत हो सकती है।
3 यात्रा का प्रथम पड़ाव कोल कंड़ोली के दर्शन के लिए 30 किलोमीटर दूर नगरोटा तक जाना होगा
4. भवन में दर्शन के बाद स्नान की प्रथा है और प्रमुख स्नान घाट पर यात्री स्नान कर सकते हैं।
5. नवरात्र के बाद कन्या पूजन का विशेष महत्व है लेकिन भवन में कन्या पूजन पर रोक है। कन्या पूजन करने के इच्छुक यात्री धर्मनगरी में पहुंच कर ऐसा करें।
मां की कहानी का आध्यात्मिक केंद्र में दूसरे नवरात्र से मंचन
कटड़ा। धर्मनगरी में तीसरे नवरात्र पर श्राइन बोर्ड के आध्यात्मिक केंद्र में नटरंग की ओर से माता की कहानी के मंचन में शनिवार को गर्भ जून की महत्ता का मंचन किया गया।