उधमपुर। शहर के बस अड्डे के बड़े हिस्से पर लोड कैरियर वाहनों का कब्जा है। प्रतिबंध के बावजूद सुबह से शाम तक लोड कैरियर वाहन बस अड्डे पर सामान की आपूर्ति देने पहुंचते हैं और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। इनके कारण बस अड्डे पर यात्रियों के साथ बस चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जानकारी के बाद भी पुलिस व नगर परिषद ने इसके खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं की है।
शहर में वेयर हाउस की सुविधा न होने के कारण बस अड्डे के बड़े हिस्से ने वेयर हाउस का रूप लिया हुआ है और इसी हिस्से पर लोड कैरियर वाहनों का कब्जा है। सुबह से शाम तक छोटे व बड़े लोड कैरियर वाहन सामान की सप्लाई देने के लिए शहर के अंदर प्रवेश करते हैं और जब यह वाहन बस अड्डा में प्रवेश करते हैं तो देखते ही देखते इनके कारण जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। कई बार तो इतना ज्यादा जाम लग जाता है कि दो पहिया वाहनों को भी निकलने का स्थान नहीं मिलता है। बसों को बस अड्डा में प्रवेश करने के लिए इंतजार करना पड़ता है। बसें लंबी कतार में सड़क पर खड़ी रहती है, लेकिन उनको अंदर जाने के लिए स्थान नहीं मिलता है। तीन माह पहले डीसी कार्यालय के पास मेटाडोर दुर्घटना होने के बाद जिला प्रशासन ने आदेश निकाला था कि सुबह से शाम सात बजे कोई भी लोड कैरियर वाहन शहर में प्रवेश नहीं करेगा। अगर कोई वाहन शहर में प्रवेश कर भी जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद हर रोज शहर में दिन के समय ट्रक व अन्य लोड कैरियर वाहन शहर में प्रवेश कर रहे हैं और शहरवासियों के लिए भी परेशानी पैदा कर रहे है। शहर में प्रवेश करने के बाद ज्यादा लोड कैरियर वाहन बस अड्डा पर खड़े रहते हैं और इनके कारण यात्रियों के साथ ही बस चालकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस अड्डा पर रेहड़ियों के साथ ही लोड कैरियर वाहनों ने भी लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रखी है।