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देसा में पुल और बटोत में 16 मकान ध्वस्त
ब्यूरो/अमर उजाला, डोडा/बटोत
Updated Tue, 22 Mar 2016 01:06 AM IST
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भूस्खलन
- फोटो : Amar Ujala
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मौसम में थोड़ा सुधार भले हो गया हो, लेकिन कहर बरपना कम नहीं हुआ है। डोडा जिले के देसा इलाके में बादल फटने से एक पुल ध्वस्त हो गया। दूसरी तरफ बटोत में सोमवार तक कुल सोलह मकान नेस्तनाबूत हो चुके हैं। चार अन्य पर खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन पीड़ित परिवार को राहत देने का काम कर रहा है।
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रविवार की देर रात को डोडा जिले के देसा में बादल फट गया, जिससे डोडा-देसा लिंक मार्ग पर बनाया गया गया पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इससे इस इलाके की 50 हजार की आबादी जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गई। मुख्यालय से करीब अठारह किलोमीटर की दूरी पर सिथत गादी नाले पर कुछ वर्ष पहले पुल का निर्माण काया गया था।
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लंबे समय से मांग के बाद इस पुल का निर्माण करवाया गया था। अब पुल टूट जाने से देसा, गादी, गेई, कुडधार, मेंचार, शिंखली आदि इलाकों के दर्जनों गांवों में रहने वाले 50 हजार से ज्यादा लोगों का जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होगा। अब इन इलाकों के लोग एक बार फिर जिला मुख्यालय से कट गए।
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शिंखली निवासी विजय कुमार ने बताया कि पुल टूटने से क्षेत्र के लोग फिर साठ साल पीछे चले गए। बटोत के वार्ड नंबर दो में पस्सी गिरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार को यहां की स्थिति और दयनीय हो गई। अब तक 16 मकान तो पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। चार अन्य पर खतरा कायम है।
यानी कुल 22 परिवार के लोग सड़क पर आ गए हैं। तहसीलदार और नायब तहसीलदार पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। सोमवार को जिला प्रशासन की तरफ से 16 परिवारों को टेंट और कंबल वितरित किए हैं। अन्य को भी जल्दी ही राहत देने की बात कही गई।
वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजमार्ग भी आज एक ही गाड़ी के लिए बहाल किया गया है, क्योंकि दूसरी तरफ से पस्सी लगातार चल रही है। गौरतलब है कि रविवार तक मात्र चार घर पूरी तरह तबाह हुए थे। सात पर खतरा था और पांच अन्य को खाली करवाया गया था। तीन परिवारों को अलर्ट रहने की चेतावनी दी थी, लेकिन आज सुबह तक स्थिति और भी दयनीय हो गई।