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जिला प्रशासन के कार्यक्रमों का बहिष्कार
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उधमपुर। स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए नगर परिषद चेयरमैन, पार्षद, डीडीसी और बीडीसी चेयरमैन के वाहन को कॉलेज के अंदर पार्क करने की अनुमति नहीं देने पर विवाद हो गया है। इसके विरोध में मंगलवार को नगर परिषद चेयरमैन व पार्षदों ने बैठक कर प्रशासन के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रोटोकाल के अनुसार प्रशासन सम्मान नहीं दे रहा है और बार-बार अपमान किया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। साथ ही एक दिन में जिला अस्पताल का गेट नहीं खोलने पर ताला तोड़ने की भी चेतावनी दी है।
नगर परिषद चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने बताया कि 15 अगस्त को वह डीडीसी चेयरमैन पूर्ण चंद, पार्षद अनिल अरोड़ा, बीडीसी चेयरमैन बलवान सिंह के साथ सुबह दस बजे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। जब उन्होंने वाहन को अंदर ले जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। पुलिस का कहना था कि उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि बिना पीएसओ के किसी के वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिनके पास सरकारी वाहन और पीएसओ होगा वही अपना वाहन अंदर लेकर जाएगा। अपने बारे में जानकारी देने के बाद भी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनको वाहन ले जाने नहीं दिया है।
इसके बाद सभी ने वाहन बाहर पार्क किए और पैदल अंदर जा कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह उनके साथ दूसरी बार हुआ है। 2020 में भी 15 अगस्त को चेयरमैन व पार्षदों के साथ यही हुआ गया था। पुलिस यह सब जिला प्रशासन के कहने पर कर रही है और जनता की तरफ से चुने गए नुमाइंदों का लगातार अपमान किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के दिन जिस तरह से पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उनके साथ व्यवहार किया, उसको देख कर लग रहा था कि यह सब सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक कर सर्वसहमति से निर्णय लिया है कि कोई भी पार्षद व चेयरमैन जिला प्रशासन के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। अब जिला प्रशासन की मनमानि नहीं चलने दी जाएगी।
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जिला अस्पताल के गेट न खोलने पर ताला तोड़ने की चेतावनी
डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने कहा कि बैठक में जिला अस्पताल के गेट को करीब चार महीने से बंद किए जाने पर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन ने करीब चार माह से जिला अस्पताल के गेट को बंद कर रखा है, जिस कारण रोजाना लोग परेशान हो रहे हैं। कुछ लोगों की समय पर उपचार की सुविधा न मिलने पर मौत भी हुई है। सुपरिटेंडेंट को वीरवार को गेट खोलने का आदेश दिया है। अगर फिर भी गेट को नहीं खोला जाता है तो ताला तोड़ दिया जाएगा।
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नगर परिषद चेयरमैन डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने बताया कि 15 अगस्त को वह डीडीसी चेयरमैन पूर्ण चंद, पार्षद अनिल अरोड़ा, बीडीसी चेयरमैन बलवान सिंह के साथ सुबह दस बजे स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। जब उन्होंने वाहन को अंदर ले जाने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक दिया। पुलिस का कहना था कि उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि बिना पीएसओ के किसी के वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिनके पास सरकारी वाहन और पीएसओ होगा वही अपना वाहन अंदर लेकर जाएगा। अपने बारे में जानकारी देने के बाद भी पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने उनको वाहन ले जाने नहीं दिया है।
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इसके बाद सभी ने वाहन बाहर पार्क किए और पैदल अंदर जा कर कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह उनके साथ दूसरी बार हुआ है। 2020 में भी 15 अगस्त को चेयरमैन व पार्षदों के साथ यही हुआ गया था। पुलिस यह सब जिला प्रशासन के कहने पर कर रही है और जनता की तरफ से चुने गए नुमाइंदों का लगातार अपमान किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के दिन जिस तरह से पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने उनके साथ व्यवहार किया, उसको देख कर लग रहा था कि यह सब सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बैठक कर सर्वसहमति से निर्णय लिया है कि कोई भी पार्षद व चेयरमैन जिला प्रशासन के कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगा। अब जिला प्रशासन की मनमानि नहीं चलने दी जाएगी।
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जिला अस्पताल के गेट न खोलने पर ताला तोड़ने की चेतावनी
डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने कहा कि बैठक में जिला अस्पताल के गेट को करीब चार महीने से बंद किए जाने पर भी चर्चा की गई। जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशासन ने करीब चार माह से जिला अस्पताल के गेट को बंद कर रखा है, जिस कारण रोजाना लोग परेशान हो रहे हैं। कुछ लोगों की समय पर उपचार की सुविधा न मिलने पर मौत भी हुई है। सुपरिटेंडेंट को वीरवार को गेट खोलने का आदेश दिया है। अगर फिर भी गेट को नहीं खोला जाता है तो ताला तोड़ दिया जाएगा।