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Udhampur News: पूर्व शिक्षा मंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री कार्यालय में हुआ दुर्व्यवहार निंदनीय
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उधमपुर। पूर्व शिक्षा मंत्री से उप मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनाए गए रवैये को लेकर अपनी प्रतिक
- पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने कहा, उप मुख्यमंत्री शायद अपनी कुर्सी की मर्यादा को भूल गए हैं
उधमपुर। पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने पूर्व शिक्षामंत्री हर्ष देव के साथ उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अगर एक पूर्व मंत्री के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है और उनकी सुनवाई नहीं हुई तो आम जनता के साथ क्या होगा।
पत्रकारवार्ता में पूर्व पार्षद ने कहा कि जब एक नेता प्रतिष्ठित ओहदे पर बैठे दूसरे नेता के पास जनता की समस्याओं को लेकर जाता है तो उसके साथ बदसलूकी की जाती है और उसे कार्यालय से निकाल दिया जाए, यह कहां तक उचित है। उनका आरोप था कि उप मुख्यमंत्री शायद अपनी कुर्सी की मर्यादा को भूल गए हैं या फिर इतने हताश हो चुके हैं कि उनको कुछ दिखाई ही नहीं दिया कि उनके पास कौन और क्यों आया है।
खजूरिया ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री की कुर्सी जनता के कार्यों के लिए दी गई है न कि अपने कार्यालय से लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए। इस घटना के बाद आम आदमी उपमुख्यमंत्री के पास जाने की सोचेगा भी नहीं। जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपने प्रतिनिधि इस उम्मीद के साथ चुनकर विधानसभा में भेजे हैं ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इससे पहले भी गुलाम नबी आजाद मुख्यमंत्री और चौधरी लाल सिंह जैसे नेता स्वास्थ्य मंत्री के पद पर रहे लेकिन किसी ने ऐसा व्यवहार नहीं किया परंतु कुछ लोगों को सत्ता का लोभ इतना बढ़ जाता है फिर उन्हें जनता से किए अपने वादे याद नहीं रहते। इस मौके पर सक्षम सेठ, शिल्पा, आर्यन, सपना मौजूद रहे।फोटो सहित
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उधमपुर। पूर्व पार्षद प्रीति खजूरिया ने पूर्व शिक्षामंत्री हर्ष देव के साथ उपमुख्यमंत्री के कार्यालय में हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि अगर एक पूर्व मंत्री के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है और उनकी सुनवाई नहीं हुई तो आम जनता के साथ क्या होगा।
पत्रकारवार्ता में पूर्व पार्षद ने कहा कि जब एक नेता प्रतिष्ठित ओहदे पर बैठे दूसरे नेता के पास जनता की समस्याओं को लेकर जाता है तो उसके साथ बदसलूकी की जाती है और उसे कार्यालय से निकाल दिया जाए, यह कहां तक उचित है। उनका आरोप था कि उप मुख्यमंत्री शायद अपनी कुर्सी की मर्यादा को भूल गए हैं या फिर इतने हताश हो चुके हैं कि उनको कुछ दिखाई ही नहीं दिया कि उनके पास कौन और क्यों आया है।
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खजूरिया ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री की कुर्सी जनता के कार्यों के लिए दी गई है न कि अपने कार्यालय से लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए। इस घटना के बाद आम आदमी उपमुख्यमंत्री के पास जाने की सोचेगा भी नहीं। जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपने प्रतिनिधि इस उम्मीद के साथ चुनकर विधानसभा में भेजे हैं ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। इससे पहले भी गुलाम नबी आजाद मुख्यमंत्री और चौधरी लाल सिंह जैसे नेता स्वास्थ्य मंत्री के पद पर रहे लेकिन किसी ने ऐसा व्यवहार नहीं किया परंतु कुछ लोगों को सत्ता का लोभ इतना बढ़ जाता है फिर उन्हें जनता से किए अपने वादे याद नहीं रहते। इस मौके पर सक्षम सेठ, शिल्पा, आर्यन, सपना मौजूद रहे।फोटो सहित
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