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उधमपुर में मनाया खालसा पंथ का स्थापना दिवस
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उधमपुर: बैसाखी पर्व गुरुद्वारा परिसर में मनाया गया.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। गुरुद्वारा सिंह सभा उधमपुर में खालसा पंथ का स्थापना दिवस और बैसाखी का त्योहार श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर काफी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा में हाजिरी देकर शीश नवाया, और एक दूसरे को पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
मौके पर शबद कीर्तन के बाद लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों व वर्गों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव सुरजीत सिंह ने कहा कि बैसाखी पर्व पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में पंज प्यारों को अमृतपान करवा कर श्री खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। खालसा पंथ स्थापना दिवस को हर वर्ष श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि पंज प्यारों को गुरू गोबिंद सिंह महाराजा ने अमृतपान कर सिंह की उपाधि प्रदान की, और स्वयं भी अमृत पान कर गुरू गोबिंद राय से गुरू गोबिंद सिंह बने। इसके बाद गुलामी की बेड़ियों को काटकर भारतवासियों का मान वापस दिलाया। उन्होंने सभी को खालसा पंथ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि वाहेगुरू सभी देशवासियों को सुखी व निरोगी रखें और विश्व में फैली कोरोना महामारी से जल्द मुक्ति प्रदान करें।
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मौके पर शबद कीर्तन के बाद लंगर का भी आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों व वर्गों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव सुरजीत सिंह ने कहा कि बैसाखी पर्व पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में पंज प्यारों को अमृतपान करवा कर श्री खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। खालसा पंथ स्थापना दिवस को हर वर्ष श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया जाता है।
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उन्होंने कहा कि पंज प्यारों को गुरू गोबिंद सिंह महाराजा ने अमृतपान कर सिंह की उपाधि प्रदान की, और स्वयं भी अमृत पान कर गुरू गोबिंद राय से गुरू गोबिंद सिंह बने। इसके बाद गुलामी की बेड़ियों को काटकर भारतवासियों का मान वापस दिलाया। उन्होंने सभी को खालसा पंथ के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि वाहेगुरू सभी देशवासियों को सुखी व निरोगी रखें और विश्व में फैली कोरोना महामारी से जल्द मुक्ति प्रदान करें।
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