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बगलामुखी देवी का विशेष शृंगार किया गया
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उधमपुर। नगर के देविका तट पर स्थित आनंद आश्रम में मां बगलामुखी देवी (मां पिताम्बरा देवी) की मुर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान मां बगलामुखी की शृंगार आरती और विशेष पूजन किया गया। महंत महेंद्रनाथ गिरि ने कहा कि 9 मई को आनंद आश्रम में मां बगलामुखी की मूर्ति की स्थापना की गई थी। इसके उपलक्ष्य में वीरवार को मां बगलामुखी का विशेष साज-शृंगार और पूजन किया गया है।
महंत ने बताया कि मंदिर में स्थापित की गई मां बगलामुखी की मूर्ति एक शिला से निर्मित है और ऐसी अलौकिक मूर्तियां सिर्फ सिद्ध पीठों में स्थापित होती हैं। इसलिए यह उनके साथ-साथ पूरे उधमपुर वासियों के लिए बडे़ सौभाग्य की बात है कि इसे आनंद आश्रम में स्थापित किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि प्रत्येक वीरवार को सुबह के समय मां बगलामुखी की विशेष शृंगार आरती होती है और शाम को भव्य शृंगार आरती के साथ मंगला आरती का आयोजन किया जाता है। साथ ही भक्तों में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी भी परेशानी में मां बगलामुखी का किसी भी रूप में ध्यान मात्र करने से व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है। मां की शक्ति आज भी धरा पर मौजूद हैं लेकिन भक्तों के पास उन्हें प्राप्त करने का सामर्थ्य अब वैसा नहीं है। इसलिए हर किसी को बिना किसी शंका के मां की सच्चे मन से आराधना करनी चाहिए।
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महंत ने बताया कि मंदिर में स्थापित की गई मां बगलामुखी की मूर्ति एक शिला से निर्मित है और ऐसी अलौकिक मूर्तियां सिर्फ सिद्ध पीठों में स्थापित होती हैं। इसलिए यह उनके साथ-साथ पूरे उधमपुर वासियों के लिए बडे़ सौभाग्य की बात है कि इसे आनंद आश्रम में स्थापित किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि प्रत्येक वीरवार को सुबह के समय मां बगलामुखी की विशेष शृंगार आरती होती है और शाम को भव्य शृंगार आरती के साथ मंगला आरती का आयोजन किया जाता है। साथ ही भक्तों में प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कहीं भी किसी भी परेशानी में मां बगलामुखी का किसी भी रूप में ध्यान मात्र करने से व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है। मां की शक्ति आज भी धरा पर मौजूद हैं लेकिन भक्तों के पास उन्हें प्राप्त करने का सामर्थ्य अब वैसा नहीं है। इसलिए हर किसी को बिना किसी शंका के मां की सच्चे मन से आराधना करनी चाहिए।
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