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जिला जेल भद्रवाह में मानसिक स्वास्थ्य व तनाव प्रबंधन को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
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भद्रवाह में जेल में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते कैदी
- फोटो : UDHAMPUR
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भद्रवाह। जिला जेल भद्रवाह में जीएमसी डोडा के सहयोग से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य उदेश्य कैदियों और जेल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना और उन्हें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना था।
इसके अलावा उन्हें कठिन परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की बुरी आदतों (व्यसनों) का शिकार हुए बिना स्वाभाविक रूप से तनाव से निपटने के तौर तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में जीएमसी डोडा के डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों ने बायोकेमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशरफ अली खान के नेतृत्व में जिला जेल में बंद 162 कैदियों के साथ स्लाइड शो के साथ बातचीत की।
इसमें नशीली दवाओं की लत के दुष्प्रभाव, इससे बाहर आने के तरीके, साधन तथा तनाव की रोकथाम के तौर तरीकों के बारे में बताया गया। बाद में संबंधित विशेषज्ञों ने कैदियों की शंकाओं को दूर करने के लिए एक प्रश्न उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर संसाधन व्यक्तियों और मनोचिकित्सकों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में जागरूक करने वाले प्रभावशाली व्याख्यान दिए। साथ ही नशाखोरी की रोकथाम को लेकर परामर्श सत्र भी प्रदान किए।
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इसके अलावा उन्हें कठिन परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की बुरी आदतों (व्यसनों) का शिकार हुए बिना स्वाभाविक रूप से तनाव से निपटने के तौर तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में जीएमसी डोडा के डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों ने बायोकेमिस्ट्री विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशरफ अली खान के नेतृत्व में जिला जेल में बंद 162 कैदियों के साथ स्लाइड शो के साथ बातचीत की।
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इसमें नशीली दवाओं की लत के दुष्प्रभाव, इससे बाहर आने के तरीके, साधन तथा तनाव की रोकथाम के तौर तरीकों के बारे में बताया गया। बाद में संबंधित विशेषज्ञों ने कैदियों की शंकाओं को दूर करने के लिए एक प्रश्न उत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर संसाधन व्यक्तियों और मनोचिकित्सकों ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बारे में जागरूक करने वाले प्रभावशाली व्याख्यान दिए। साथ ही नशाखोरी की रोकथाम को लेकर परामर्श सत्र भी प्रदान किए।
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