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चार शिक्षकों के सहारे 325 विद्यार्थियों की शिक्षा
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उधमपुर। सरकारी हाई स्कूल चप्पड़ सोटा में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल में 325 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए केवल चार शिक्षक ही हैं। एक शिक्षक पर 100 से अधिक विद्यार्थी निर्भर हैं। जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस समस्या को लेकर लाटी चप्पड़ बी पंचायत के सरपंच कुलदीप कुमार उधमपुर पहुंचे और जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी।
सरपंच ने बताया कि उनकी पंचायत में मौजूद सरकारी हाई स्कूल चप्पड़ सोटा में कई वर्षों से स्टॉफ की कमी है। अब जब स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं और विद्यार्थी स्कूलों में पहुंच रहे हैं। स्टॉफ की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा लगातार प्रभावित हो रही है। स्कूल में कुल 11 शिक्षकों के पद मंजूर हैं और सात पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं। विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और स्टॉफ कम हो रहा है। हालात यह है कि स्कूल के अंदर गणित और विज्ञान के विषय के लिए एक भी शिक्षक मौजूद नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसी कारण स्कूल का बोर्ड का परीक्षा परिणाम लगातार गिरता जा रहा है। अभिभावक अपनी आंखों के सामने बच्चों के भविष्य खराब होता देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क किया और अधिकारियों ने हर बार परेशानी को दूर करने का आश्वासन दिया है। मगर किसी ने भी इस परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने मांग किया कि शिक्षा विभाग को स्टॉफ की कमी दूर करने के लिए निर्देश जारी किए जाए।
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सरपंच ने बताया कि उनकी पंचायत में मौजूद सरकारी हाई स्कूल चप्पड़ सोटा में कई वर्षों से स्टॉफ की कमी है। अब जब स्कूल पूरी तरह से खुल चुके हैं और विद्यार्थी स्कूलों में पहुंच रहे हैं। स्टॉफ की कमी के कारण विद्यार्थियों की शिक्षा लगातार प्रभावित हो रही है। स्कूल में कुल 11 शिक्षकों के पद मंजूर हैं और सात पद कई वर्षों से खाली पड़े हैं। विद्यार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और स्टॉफ कम हो रहा है। हालात यह है कि स्कूल के अंदर गणित और विज्ञान के विषय के लिए एक भी शिक्षक मौजूद नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसी कारण स्कूल का बोर्ड का परीक्षा परिणाम लगातार गिरता जा रहा है। अभिभावक अपनी आंखों के सामने बच्चों के भविष्य खराब होता देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ संपर्क किया और अधिकारियों ने हर बार परेशानी को दूर करने का आश्वासन दिया है। मगर किसी ने भी इस परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया है। उन्होंने मांग किया कि शिक्षा विभाग को स्टॉफ की कमी दूर करने के लिए निर्देश जारी किए जाए।
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