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बिना प्रिंसिपल व लेक्चरर 12 वर्ष से चल रहे दो हायर सेकेंडरी स्कूल
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उधमपुर। शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की पोल सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़ सामना बंज और हायर सेकेंडरी बारटा खोल रहे हैं। यहां 12 वर्ष से 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एक भी प्रवक्ता नियुक्त नहीं किया गया है।
इसके अलावा जब से स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी बनाया गया है, तब से प्रिंसिपल के पदों को भी भरा नहीं रखा गया है। इससे स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगातार गिरता जा रहा है, और शिक्षा विभाग इसको लेकर कुछ नहीं कर रहा है। अभिभावकों व विद्यार्थियों ने कई बार प्रवक्ता व प्रिंसिपल नियुक्त करने की मांग शिक्षा विभाग और प्रशासन के सामने रखी है।
कई सरकारी योजनाओं के तहत शिक्षा विभाग हायर सेकेंडरी स्तर की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को कई सुविधाएं प्रदान करने के दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़ सामना बंज और बारटा में आज तक एक भी प्रवक्ता नियुक्त नहीं किया गया है। 2010 में दोनों हाई स्कूलों को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया था। इसके बाद दोनों स्कूलों में 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इनको पढ़ाने का काम प्रवक्ता करने वाले थे। लेकिन, शिक्षा विभाग ने आज तक स्कूलों में प्रवक्ताओं की नियुक्त नहीं की।
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विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम अध्यापक वर्ग के शिक्षक ही कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। कई बार शिक्षकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर लेक्चरर व प्रिंसिपल नियुक्त करने की मांग है, लेकिन आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया गया। गणेश कुमार, सोहन लाल, बिशन दास व अन्य कई अभिभावकों ने शिक्षा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के समाने स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग को रखा है। वहीं, अब स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी एक बार फिर से परेशानियों का सामना करने को मजबूर होंगे।
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इन दोनों स्कूलों को हैंगिंग हायर सेकेंडरी स्कूल की श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों स्कूलों के लिए सरकार ने लेक्चरर व प्रिंसिपल के पदों को मंजूर नहीं किया है। इनको अपग्रेड करने पर ही विवाद पैदा हुआ था। इसी कारण लेक्चरर व प्रिंसिपल के पदों पर किसी को नियुक्त नहीं किया जा रहा है।
- राम कुमार गुप्ता, डिप्टी सीईओ, शिक्षा विभाग
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इसके अलावा जब से स्कूल को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी बनाया गया है, तब से प्रिंसिपल के पदों को भी भरा नहीं रखा गया है। इससे स्कूल का बोर्ड परीक्षा परिणाम लगातार गिरता जा रहा है, और शिक्षा विभाग इसको लेकर कुछ नहीं कर रहा है। अभिभावकों व विद्यार्थियों ने कई बार प्रवक्ता व प्रिंसिपल नियुक्त करने की मांग शिक्षा विभाग और प्रशासन के सामने रखी है।
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कई सरकारी योजनाओं के तहत शिक्षा विभाग हायर सेकेंडरी स्तर की शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को कई सुविधाएं प्रदान करने के दावे कर रहा है। लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि हायर सेकेंडरी स्कूल गढ़ सामना बंज और बारटा में आज तक एक भी प्रवक्ता नियुक्त नहीं किया गया है। 2010 में दोनों हाई स्कूलों को अपग्रेड कर हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया गया था। इसके बाद दोनों स्कूलों में 11वीं व 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। इनको पढ़ाने का काम प्रवक्ता करने वाले थे। लेकिन, शिक्षा विभाग ने आज तक स्कूलों में प्रवक्ताओं की नियुक्त नहीं की।
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विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम अध्यापक वर्ग के शिक्षक ही कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं। कई बार शिक्षकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर लेक्चरर व प्रिंसिपल नियुक्त करने की मांग है, लेकिन आज तक इस मांग को पूरा नहीं किया गया। गणेश कुमार, सोहन लाल, बिशन दास व अन्य कई अभिभावकों ने शिक्षा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के समाने स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग को रखा है। वहीं, अब स्कूल खुलने के बाद विद्यार्थी एक बार फिर से परेशानियों का सामना करने को मजबूर होंगे।
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इन दोनों स्कूलों को हैंगिंग हायर सेकेंडरी स्कूल की श्रेणी में रखा गया है। इन दोनों स्कूलों के लिए सरकार ने लेक्चरर व प्रिंसिपल के पदों को मंजूर नहीं किया है। इनको अपग्रेड करने पर ही विवाद पैदा हुआ था। इसी कारण लेक्चरर व प्रिंसिपल के पदों पर किसी को नियुक्त नहीं किया जा रहा है।
- राम कुमार गुप्ता, डिप्टी सीईओ, शिक्षा विभाग