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चार घंटों के लिए खुली प्राचीन गुफा
ब्यूरो/अमर उजाला, कटड़ा
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:41 AM IST
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लोहड़ी के पावन अवसर पर वैष्णो देवी भवन, धर्मनगरी के साथ आसपास के क्षेत्रों में दिन भर आसमान में बादलों का डेरा रहा, जिससे लोगों को बारिश की उम्मीद रही, लेकिन बादल उम्मीद पर खरे तो नहीं उतरे।
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अलबत्ता भारी शीतलहर हर स्थानीय लोगों सहित दर्शनों के लिए आने वाले यात्रियों को जकड़े रखा। इस सबके बीच मंगलवार को यात्रा में काफी गिरावट रही।
भवन में प्राकृतिक गुफा को चार घंटे के लिए खोल दिया गया। पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को देर शाम तक साढ़े छह हजार भक्तों का पंजीकरण हो चुका था। जबकि कक्ष के बंद होने को अभी समय शेष था।
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सुबह तड़के ही आसमान में बादलों का डेरा रहा तथा ऐसे में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को थोड़ी उम्मीद जगी लेकिन शाम तक यह बादल बारिश में परिवर्तित नहीं हो सके। हालांकि भारी ठंड ने हर किसी को आग जला कर शरीर को तपिश देने को मजबूर जरूर कर दिया।
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जानकारी अनुसार वहां पर भी ठंड में काफी इजाफा हुआ था तथा भवन मार्ग पर आवाजाही करने वाले यात्रियों को भी रास्ते में विभिन्न दुकानदारों द्वारा जलाई गई आग का सहारा लेना पड़ा। यात्रा में कमी के चलते मंगलवार को करीब चार घंटे के लिए प्राकृतिक गुफा को दर्शन के लिए खोला गया गया जो यात्रियों के लिए जरूर सुविधाजनक रहा।