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दिनभर चक्का जाम, यात्री हलकान
Udhampur
Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
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उधमपुर/रियासी/रामबन/ रामनगर। ट्रांसपोर्टरों की राज्यव्यापी चक्का जाम का उधमपुर, रियासी, रामबन और किश्तवाड़ जिले में भी व्यापक असर रहा। दिन भर एक भी यात्री वाहन नहीं चला, जिससे यात्री हलकान रहे। हर मोड़ के बस स्टाप, यात्री शेड, बस अड्डा और मेटाडोर स्टैंड पर यात्री वाहनों का इंतजार करते रहे। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। चक्का जाम के चलते आटो और टैक्सी चालकों ने खूब मनमानी की।
उधमपुर, रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक का सफर यात्रियों को या तो पैदल ही तय करना पड़ा या निजी वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ी। शादी समारोह के सीजन में चक्का जाम से लोगों को खासा मुश्किलों से गुजरना पड़ा। हालांकि शादी विवाह को लेकर बुक किए गए वाहनों को इस चक्का जाम और हड़ताल के दायरे में नहीं रखा गया था, लेकिन ट्रांसपोर्टरों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में बसों और यात्री वाहनों की हड़ताल के कारण आम लोगों की आवाजाही खास तौर से प्रभावित रही। स्कूल-कालेज जाने वाले विद्यार्थी जहां हलकान नजर आए वहीं, दूर दराज गांव तक सफर करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी की स्थिति में लोगों ने निजी वाहनों का सहारा लिया। सुबह से लेकर शाम तक वाहनों के रोड पर नहीं चलने के कारण खास कर उन लोगों को ज्यादा परेशानी हुई जो बाहर से आए हैं। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई।
रियासी कसबे के मुख्य बस अड्डे से किसी भी बाहरी क्षेत्र के लिए बसों की आवाजाही नहीं हुई। बस अड्डे बहुत कम ही बसें दिखी। हड़ताल का असर आटो और मिनी बसों पर नहीं दिखा। मिनी बसें फेरे लगाती रही। हालांकि बसों के रोज सफर सफर करने वाले यात्री परेशान नजर आए। वहीं स्कूली बच्चे जल्दी ही घर से निकल पैदल रवाना हो गए। हड़ताल का असर जिला मुख्यालय रियासी के साथ पौनी क्षेत्र में भी दिखा। यात्री वाहनों की राहत ताकते नजर आए।
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स्कूल और दफ्तरों में उपस्थिति कम
चिनैनी (ब्यूरो)। चिनैनी में भी चक्का जाम काफी असर दिखा। सुबह दस बजे के बाद विभिन्न रूटों पर चलने वाले यात्री वाहनों के चक्के जाम हो गए। इसके चलते खास कर स्कूली बच्चों और सरकारी कर्मचारियों को ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ा। वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। चक्का जाम के चलते स्कूल और सरकरी दफ्तरों में उपस्थित कम देखी गई। चिनैनी से उधमपुर, चिनैनी से पत्नीटाप, चिनैनी से सुद्धमहादेव और अन्य रूटों पर भी कम यात्री वाहन चलते देखे गए।
ट्रांसपोर्टरों ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम
उधमपुर (ब्यूरो)। ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस समयावधि में किराया बढ़ाने संबंधी कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उधमपुर बस स्टैंड उधमपुर के प्रबंधक रामदेव सिंह ने बताया कि डीजल और मोबिल आयल के दाम काफी बढे़ हैं। टायर और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से ट्रांसपोर्टरों को दिक्कतें आ रही हैं। ट्रांसपोर्टरों की ओर से सरकार से किराया और माल भाड़ा भी बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। चक्का जाम के दौरान उधमपुर से करीब डेढ़ सौ बसें और साढे़ चार सौ के करीब मेटाडोर नहीं चलीं।
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उधमपुर, रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक का सफर यात्रियों को या तो पैदल ही तय करना पड़ा या निजी वाहनों की व्यवस्था करनी पड़ी। शादी समारोह के सीजन में चक्का जाम से लोगों को खासा मुश्किलों से गुजरना पड़ा। हालांकि शादी विवाह को लेकर बुक किए गए वाहनों को इस चक्का जाम और हड़ताल के दायरे में नहीं रखा गया था, लेकिन ट्रांसपोर्टरों द्वारा अपनी मांगों के समर्थन में बसों और यात्री वाहनों की हड़ताल के कारण आम लोगों की आवाजाही खास तौर से प्रभावित रही। स्कूल-कालेज जाने वाले विद्यार्थी जहां हलकान नजर आए वहीं, दूर दराज गांव तक सफर करने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इमरजेंसी की स्थिति में लोगों ने निजी वाहनों का सहारा लिया। सुबह से लेकर शाम तक वाहनों के रोड पर नहीं चलने के कारण खास कर उन लोगों को ज्यादा परेशानी हुई जो बाहर से आए हैं। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी हुई।
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रियासी कसबे के मुख्य बस अड्डे से किसी भी बाहरी क्षेत्र के लिए बसों की आवाजाही नहीं हुई। बस अड्डे बहुत कम ही बसें दिखी। हड़ताल का असर आटो और मिनी बसों पर नहीं दिखा। मिनी बसें फेरे लगाती रही। हालांकि बसों के रोज सफर सफर करने वाले यात्री परेशान नजर आए। वहीं स्कूली बच्चे जल्दी ही घर से निकल पैदल रवाना हो गए। हड़ताल का असर जिला मुख्यालय रियासी के साथ पौनी क्षेत्र में भी दिखा। यात्री वाहनों की राहत ताकते नजर आए।
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स्कूल और दफ्तरों में उपस्थिति कम
चिनैनी (ब्यूरो)। चिनैनी में भी चक्का जाम काफी असर दिखा। सुबह दस बजे के बाद विभिन्न रूटों पर चलने वाले यात्री वाहनों के चक्के जाम हो गए। इसके चलते खास कर स्कूली बच्चों और सरकारी कर्मचारियों को ज्यादा मुसीबतों का सामना करना पड़ा। वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। चक्का जाम के चलते स्कूल और सरकरी दफ्तरों में उपस्थित कम देखी गई। चिनैनी से उधमपुर, चिनैनी से पत्नीटाप, चिनैनी से सुद्धमहादेव और अन्य रूटों पर भी कम यात्री वाहन चलते देखे गए।
ट्रांसपोर्टरों ने दिया एक हफ्ते का अल्टीमेटम
उधमपुर (ब्यूरो)। ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि इस समयावधि में किराया बढ़ाने संबंधी कोई स्पष्ट फैसला नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उधमपुर बस स्टैंड उधमपुर के प्रबंधक रामदेव सिंह ने बताया कि डीजल और मोबिल आयल के दाम काफी बढे़ हैं। टायर और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में भी बढ़ोतरी होने से ट्रांसपोर्टरों को दिक्कतें आ रही हैं। ट्रांसपोर्टरों की ओर से सरकार से किराया और माल भाड़ा भी बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। चक्का जाम के दौरान उधमपुर से करीब डेढ़ सौ बसें और साढे़ चार सौ के करीब मेटाडोर नहीं चलीं।