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पटवारियों ने हड़ताल शुरू करके किया जोरदार प्रदर्शन
Updated Thu, 22 Feb 2018 12:13 AM IST
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उधमपुर। पटवारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परीक्षा के आधार पर तहसीलदार की भर्ती पर रोक लगाने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर पटवारियों ने बुधवार को हड़ताल रखी। चार दिन की हड़ताल शुरू करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ पटवारियों ने प्रदर्शन किया।
आल जम्मू एंड कश्मीर पटवार एसोसिएशन के नेतृत्व में पटवारी जिला अदालत परिसर में स्थित कार्यालय में एकजुट हुए, जहां सभी ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान त्रिलोचन सिंह ने बताया कि कई वर्षों से पटवारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को सरकार के सामने रखा गया, लेकिन किसी ने इस मांग की तरफ ध्यान नहीं दिया। पटवारियों की प्रमोशन को लेकर डीपीसी भी तैयार नहीं की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों से सरकार तहसीलदार के पद को परीक्षा के जरिए भर रही है। लगातार नए तहसीलदार नियुक्त किए जा रहे हैं, जबकि पटवारियों व गिरदावर को प्रमोशन के जरिए तहसीलदार नहीं बनाया जा रहा है। यह उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी मांग है कि परीक्षा के आधार पर तहसीलदार की भर्ती बंद कर दी जाए। पिछले कई वर्षों से जिले में पटवारखाना बनाने की मांग की जा रही, लेकिन इसकी तरफ भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। कई बार पटवारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा है। सरकार की तरफ से हर बार जल्द मांगाें को पूरा करने का आश्वासन भी मिला है, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकार ने कुछ नहीं किया है। मजबूर होकर अब पटवारी चार दिन की हड़ताल कर रहे हैं। अगर चार दिन के अंदर मांगों को पूरा नहीं किया तो पटवारी नए सिरे से रणनीति तैयार करके प्रदर्शन करेंगे।
उधमपुर के साथ मजालता में भी पटवारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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आल जम्मू एंड कश्मीर पटवार एसोसिएशन के नेतृत्व में पटवारी जिला अदालत परिसर में स्थित कार्यालय में एकजुट हुए, जहां सभी ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान त्रिलोचन सिंह ने बताया कि कई वर्षों से पटवारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को सरकार के सामने रखा गया, लेकिन किसी ने इस मांग की तरफ ध्यान नहीं दिया। पटवारियों की प्रमोशन को लेकर डीपीसी भी तैयार नहीं की जा रही है। पिछले कुछ वर्षों से सरकार तहसीलदार के पद को परीक्षा के जरिए भर रही है। लगातार नए तहसीलदार नियुक्त किए जा रहे हैं, जबकि पटवारियों व गिरदावर को प्रमोशन के जरिए तहसीलदार नहीं बनाया जा रहा है। यह उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उनकी मांग है कि परीक्षा के आधार पर तहसीलदार की भर्ती बंद कर दी जाए। पिछले कई वर्षों से जिले में पटवारखाना बनाने की मांग की जा रही, लेकिन इसकी तरफ भी सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया है। कई बार पटवारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा है। सरकार की तरफ से हर बार जल्द मांगाें को पूरा करने का आश्वासन भी मिला है, लेकिन जमीनी स्तर पर सरकार ने कुछ नहीं किया है। मजबूर होकर अब पटवारी चार दिन की हड़ताल कर रहे हैं। अगर चार दिन के अंदर मांगों को पूरा नहीं किया तो पटवारी नए सिरे से रणनीति तैयार करके प्रदर्शन करेंगे।
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उधमपुर के साथ मजालता में भी पटवारियों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।