सोनम वांगचुक का बयान: लद्दाख पर बातचीत में देरी से बढ़ रही नाराजगी, केंद्र जल्द करे वार्ता; लोग कर रहे इंतजार
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से लद्दाख के मुद्दों पर रुकी हुई वार्ता जल्द दोबारा शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बातचीत में देरी से लोगों में निराशा बढ़ रही है और लेह-कारगिल के बीच विभाजन की भावना भी पैदा हो सकती है।
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लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख के मुद्दों पर केंद्र से वार्ता फिर शुरू करने में हो रही देरी पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को कहा कि संवाद में देरी लोगों में निराशा पैदा कर रही है। इससे लेह-कारगिल के बीच विभाजन की भावना भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार को लद्दाख के प्रतिनिधियों से जल्द वार्ता शुरू करनी चाहिए।
एक्स पर पोस्ट में वांगचुक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी नजरबंदी बिना शर्त हटाए जाने को एक महीना हो चुका है। इस फैसले से आपसी विश्वास बहाल होने और रचनात्मक संवाद शुरू होने की उम्मीद जगी थी लेकिन चार फरवरी को हुई पिछली बैठक के दो महीने बाद भी अगली वार्ता की तारीख घोषित नहीं की गई है। अगली दौर की बातचीत विश्वास और अविश्वास के बीच लटकी है और लद्दाख बातचीत का इंतजार कर रहा है।
कुछ संदिग्ध तत्व उठा रहे देरी का फायदा:
उन्होंने कहा, इस देरी का फायदा कुछ संदिग्ध तत्व उठा रहे हैं। वे लेह और कारगिल के बीच खासकर धार्मिक आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे इस संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। वांगचुक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि राष्ट्रीय हित में लद्दाख के मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाए।
फरवरी की वार्ता में मुद्दों पर विस्तार से नहीं हुई थी चर्चा
फरवरी में हुई पिछली वार्ता में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची में शामिल करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी थी। लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने पहले प्रस्तुत मसौदे के कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने के लिए समय मांगा था लेकिन नए मसौदे को लेकर भी अब तक कोई बात नहीं हुई है। सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिलने के बावजूद अगली बैठक की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि केंद्र ने कहा है कि लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।