काजीगुंड में एनआईए का बड़ा एक्शन: दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी अदील मजीद के घर छापा, जुटाए जा रहे अहम सुराग
एनआईए ने दिल्ली बम विस्फोट मामले की जांच के तहत काजीगुंड में व्हाइट-कॉलर आतंकी अदील मजीद राथर के घर पर करीब एक घंटे तक तलाशी ली। अदील को पिछले साल सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था और उस पर श्रीनगर में धमकी भरे पोस्टर लगाने का आरोप है।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा प्रहार जारी ही। इस बीच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को कश्मीर में बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी ने अनंतनाग जिले के काजीगुंड में व्हाइट-कॉलर आतंकी अदील मजीद राथर के घर पर छापा मारा। ये कार्रवाई पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में भीषण बम विस्फोट मामले के मामले में की गई है। अदील को विस्फोट से तीन दिन पहले गिरफ्तार किया गया था।
पिछले साल दिल्ली में लाल किले के पास हुए इस विस्फोट ने पूरे देश को दहला दिया था। इस आतंकी घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी और 20 घायल हुए थे। जांच एजेंसी इस मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए लगातार जांच कर रही है।
इसी सिलसिले में अदील मजीद के घर को खंगाला गया है। अधिकारियों के मुताबिक, अदील राथर के घर पर एनआईए ने करीब एक घंटे तक तलाशी ली। इस दाैरान कई अहम सुरागों को जुटाने का प्रयास किया गया है। जांच एजेंसी की ओर से छापे में बरामदगी के बारे में अभी कोई भी जानकारी साझा नहीं की गई है।
अदील पर श्रीनगर में धमकी भरे पोस्टर लगाने का आरोप
अदील राथर को सुरक्षा एजेंसियों ने पिछले साल दिल्ली ब्लास्ट से तीन दिन पहले सात नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया था। उस पर श्रीनगर शहर में दहशत फैलाने के मकसद से धमकी भरे पोस्टर लगाने का आरोप था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। इसमें कथित तौर पर कई डॉक्टर भी आतंकी गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। इसके बाद जांच एजेंसी मामले की गहन जांच में जुटी है।
सांबा के सीमावर्ती इलाके में अलर्ट नाके लगाकर वाहनों की गहन जांच
पाकिस्तान की ओर से ड्रोन गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर सांबा के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन मंडराने की सूचना के बाद सांबा सेक्टर के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है।
इसी क्रम में सोमवार को बीएसएफ और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों ने पलूरा, नडाला, चचवाल और चिलियारी क्षेत्रों में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। साथ ही प्रमुख मार्गों पर नाके स्थापित कर आने-जाने वाले वाहनों की गहन जांच की गई। सुरक्षाबलों ने संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखते हुए क्षेत्र में व्यापक तलाशी ली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बीएसएफ और एसओजी की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। विभिन्न स्थानों पर नाके लगाकर वाहनों की जांच की जा रही है। इसका मकसद संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई कर सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
गलती से भारतीय सीमा में घुसा पाकिस्तानी नागरिक बीएसएफ ने रेंजर्स को सौंपा
मढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र में गलती से भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाले पाकिस्तानी नागरिक नजीर साधीर को बीएसएफ ने वापस पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंप दिया है। नजीर सियालकोट के लुनी पुंद्रा गांव का रहने वाला है। सोमवार को बीएसएफ ने गोलपत्तन बॉर्डर आउट-पोस्ट के पास रेंजर्स को उसे सौंप दिया।
वापसी की यह प्रक्रिया स्थापित सीमा प्रोटोकॉल और औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद की गई। बता दें कि नजीर को तीन सितंबर को जम्मू के कानाचक सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से हिरासत में लिया गया था। बीएसएफ की 44वीं बटालियन के जवानों ने तड़के बॉर्डर आउट-पोस्ट सोहन के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को भारतीय क्षेत्र में दाखिल होते देखा था। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत सीमा पर ही रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि वह किसी आपराधिक या गलत मंशा के बिना गलती से सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में आ गया था।