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पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों को दी घुसपैठ की छूट-जीओसी
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श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में आतंकियों की घुसपैठ को नाकाम करने पर घाटी में तैनात सेना की 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से हमें लगातार पाकिस्तान में लांच पैड्स पर हरकत की खबर मिल रही थी। यह भी इनपुट थे कि घुसपैठ कराई जाएगी। इसका सबूत हमें उड़ी में 18 सितंबर को की गई कोशिश के दौरान और वीरवार सुबह दूसरी कोशिश के दौरान देखने को मिला। ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सेना के कमांडरों ने ‘जियो और जीने दो’ का दृष्टिकोण अपनाया है और आतंकियों को इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की छूट दी हुई है। ऐसा संभव नहीं है कि आतंकियों की ऐसी हरकतें पाकिस्तानी सेना कमांडरों की जानकारी के बिना अंजाम दी जा सकें।
आतंकी ओजीडब्ल्यू से संपर्क न साध सके, इसलिए संचार सेवा ठप किया
उड़ी ऑपरेशन के दौरान मोबाइल कम्युनिकेशन को ठप करने पर कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कु मार ने कहा कि घुसपैठ करने वाले आतंकी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स या दक्षिणी कश्मीर या किसी अन्य जगह पर उन्हें रिसीव करने वाले ओजीडब्ल्यू से कांटेक्ट न कर सकें, इसलिए संचार सेवा को बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिहाज से यह बहुत जरूरी था।
छह आतंकी एक सप्ताह पहले कर रहे घुसपैठ की कोशिश
इस बीच 18 सितंबर की घुसपैठ की कोशिश के बारे में जीओसी डीपी पांडे ने कहा कि उस दिन जहां तक उनके पास जानकारी है, 6 आतंकियों के एक समूह ने घुसपैठ की कोशिश की थी। 4 आतंकी फेंसिंग के उस तरफ थे जबकि 2 इस पार दाखिल हो चुके थे। जब सेना की पार्टी वहां पहुंची तो मुठभेड़ शुरू हो गई। जीओसी ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस ओर कोई भी आतंकी दाखिल नहीं हुआ। इसके लिए घने जंगलों और दुर्गम परिस्थितियों में लगातार तीन दिन तक ऑपरेशन जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ नया देखने को मिला है। इस इलाके से काफी देर बाद आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की है। अक्सर कई अन्य इलाकों से घुसपैठ की कोशिश की जाती रही है और वो रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जुलाई, अगस्त में चार आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी और उन्हें मार गिराया गया था।
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लोगों की जानकारी पर चलाते हैं ऑपरेशन
जीओसी ने कहा कि इस साल उन्हें लोगों की खुफिया सूचनाएं काफी ज़्यादा मिली हैं। हमारे ज़्यादातर ऑपरेशन लोगों द्वारा दी गई जानकारी पर अंजाम दिए जाते हैं। यह एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने कहा कि हथियारों को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह फिदाइन नहीं थे बल्कि लंबे समय तक टिकने करने के लिए इस ओर आ रहे थे।
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आतंकी ओजीडब्ल्यू से संपर्क न साध सके, इसलिए संचार सेवा ठप किया
उड़ी ऑपरेशन के दौरान मोबाइल कम्युनिकेशन को ठप करने पर कश्मीर रेंज के आईजीपी विजय कु मार ने कहा कि घुसपैठ करने वाले आतंकी पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स या दक्षिणी कश्मीर या किसी अन्य जगह पर उन्हें रिसीव करने वाले ओजीडब्ल्यू से कांटेक्ट न कर सकें, इसलिए संचार सेवा को बंद किया गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिहाज से यह बहुत जरूरी था।
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छह आतंकी एक सप्ताह पहले कर रहे घुसपैठ की कोशिश
इस बीच 18 सितंबर की घुसपैठ की कोशिश के बारे में जीओसी डीपी पांडे ने कहा कि उस दिन जहां तक उनके पास जानकारी है, 6 आतंकियों के एक समूह ने घुसपैठ की कोशिश की थी। 4 आतंकी फेंसिंग के उस तरफ थे जबकि 2 इस पार दाखिल हो चुके थे। जब सेना की पार्टी वहां पहुंची तो मुठभेड़ शुरू हो गई। जीओसी ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस ओर कोई भी आतंकी दाखिल नहीं हुआ। इसके लिए घने जंगलों और दुर्गम परिस्थितियों में लगातार तीन दिन तक ऑपरेशन जारी रहा। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ नया देखने को मिला है। इस इलाके से काफी देर बाद आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की है। अक्सर कई अन्य इलाकों से घुसपैठ की कोशिश की जाती रही है और वो रास्ते बंद कर दिए गए हैं। जुलाई, अगस्त में चार आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी और उन्हें मार गिराया गया था।
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लोगों की जानकारी पर चलाते हैं ऑपरेशन
जीओसी ने कहा कि इस साल उन्हें लोगों की खुफिया सूचनाएं काफी ज़्यादा मिली हैं। हमारे ज़्यादातर ऑपरेशन लोगों द्वारा दी गई जानकारी पर अंजाम दिए जाते हैं। यह एक बहुत बड़ा सकारात्मक बदलाव है। उन्होंने कहा कि हथियारों को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह फिदाइन नहीं थे बल्कि लंबे समय तक टिकने करने के लिए इस ओर आ रहे थे।