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Srinagar News: वन अपराध पर कसा शिकंजा, 149 एफआईआर दर्ज
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- कश्मीर में वन अपराधों पर वर्ष 2025 में हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर में वनों की सुरक्षा और वन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में अधिकारियों ने 324 लकड़ी तस्करों को हिरासत में लिया और 149 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गईं। यह वन विभाग की सख्त प्रवर्तन नीति का परिणाम है।
वन संरक्षण और प्रवर्तन पर दिसंबर 2025 तक की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर के 14 वन प्रभागों में 9,600 से अधिक घन फुट (सीएफटी) अवैध लकड़ी जब्त की गई। सबसे अधिक जब्ती बांदीपोरा में 1,498.96 सीएफटी दर्ज की गई, इसके बाद लंगेट में 1,495.46 सीएफटी और कमराज में 1,240.11 सीएफटी रही।
कानूनी कार्रवाई में लंगेट और जेवी प्रभागों ने 24-24 एफआईआर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि कमराज में 19 और पीर पंजाल में 16 मामले दर्ज हुए। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में 14 मामलों में 35 आरोपियों को बुक किया गया। कुल 324 अपराधियों पर कार्रवाई हुई, जिसमें पीर पंजाल रेंज में सबसे अधिक 67 और कमराज रेंज में 52 आरोपी शामिल थे।
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रिपोर्ट में वनाग्नि की बढ़ती चुनौती भी उजागर हुई। वर्ष भर में 310 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे 880.77 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई। सिंध प्रभाग में सबसे अधिक 67 घटनाएं हुईं, जबकि कुलगाम में सबसे ज्यादा 307 हेक्टेयर क्षेत्र क्षतिग्रस्त हुआ। लिडर और सिंध प्रभागों में कुल 220 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित रहा।
अधिकारियों ने वन अपराधों में इस्तेमाल 24 वाहनों और 4 घोड़ों को भी जब्त किया, जो कुछ इलाकों में संगठित अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, जब्ती और एफआईआर की बढ़ती संख्या से पता चलता है कि फील्ड स्टाफ वन कानूनों का सख्ती से पालन कर रहा है। हालांकि, वनाग्नि की उच्च संख्या चिंता का विषय है, जिसके लिए समुदाय की भागीदारी और रोकथाम के उपायों की जरूरत है। रिपोर्ट में कश्मीर के नाजुक वन पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रवर्तन, बेहतर अग्नि प्रबंधन ढांचा और जन सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर वन विभाग, वन संरक्षण बल और जेके पुलिस के संयुक्त प्रयासों से पिछले चार वर्षों में लकड़ी तस्करी में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 18,000 सीएफटी से अधिक, 2022 में 14,000 सीएफटी से अधिक लकड़ी जब्त हुई थी। 2023-24 में कश्मीर के सभी वन प्रभागों में 10,290 सीएफटी अवैध लकड़ी और 37 वाहन जब्त किए गए थे। यह कार्रवाई कश्मीर के वनों को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कश्मीर में वनों की सुरक्षा और वन अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2025 में अधिकारियों ने 324 लकड़ी तस्करों को हिरासत में लिया और 149 प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गईं। यह वन विभाग की सख्त प्रवर्तन नीति का परिणाम है।
वन संरक्षण और प्रवर्तन पर दिसंबर 2025 तक की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर के 14 वन प्रभागों में 9,600 से अधिक घन फुट (सीएफटी) अवैध लकड़ी जब्त की गई। सबसे अधिक जब्ती बांदीपोरा में 1,498.96 सीएफटी दर्ज की गई, इसके बाद लंगेट में 1,495.46 सीएफटी और कमराज में 1,240.11 सीएफटी रही।
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कानूनी कार्रवाई में लंगेट और जेवी प्रभागों ने 24-24 एफआईआर के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि कमराज में 19 और पीर पंजाल में 16 मामले दर्ज हुए। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में 14 मामलों में 35 आरोपियों को बुक किया गया। कुल 324 अपराधियों पर कार्रवाई हुई, जिसमें पीर पंजाल रेंज में सबसे अधिक 67 और कमराज रेंज में 52 आरोपी शामिल थे।
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रिपोर्ट में वनाग्नि की बढ़ती चुनौती भी उजागर हुई। वर्ष भर में 310 आग की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनसे 880.77 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित हुई। सिंध प्रभाग में सबसे अधिक 67 घटनाएं हुईं, जबकि कुलगाम में सबसे ज्यादा 307 हेक्टेयर क्षेत्र क्षतिग्रस्त हुआ। लिडर और सिंध प्रभागों में कुल 220 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित रहा।
अधिकारियों ने वन अपराधों में इस्तेमाल 24 वाहनों और 4 घोड़ों को भी जब्त किया, जो कुछ इलाकों में संगठित अवैध गतिविधियों की ओर इशारा करता है। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने कहा, जब्ती और एफआईआर की बढ़ती संख्या से पता चलता है कि फील्ड स्टाफ वन कानूनों का सख्ती से पालन कर रहा है। हालांकि, वनाग्नि की उच्च संख्या चिंता का विषय है, जिसके लिए समुदाय की भागीदारी और रोकथाम के उपायों की जरूरत है। रिपोर्ट में कश्मीर के नाजुक वन पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रवर्तन, बेहतर अग्नि प्रबंधन ढांचा और जन सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर वन विभाग, वन संरक्षण बल और जेके पुलिस के संयुक्त प्रयासों से पिछले चार वर्षों में लकड़ी तस्करी में लगभग 50 प्रतिशत की कमी आई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 18,000 सीएफटी से अधिक, 2022 में 14,000 सीएफटी से अधिक लकड़ी जब्त हुई थी। 2023-24 में कश्मीर के सभी वन प्रभागों में 10,290 सीएफटी अवैध लकड़ी और 37 वाहन जब्त किए गए थे। यह कार्रवाई कश्मीर के वनों को बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।