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Srinagar News: कमेटी ने विचाराधीन कैदियों की स्थिति की समीक्षा की
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प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की अध्यक्षता में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की अंतिम बैठक हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नसीर अहमद डार की अध्यक्षता में वीरवार को अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की इस कैलेंडर वर्ष की चौथी और अंतिम बैठक हुई। कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों और अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी फ्रेमवर्क के अनुसार पात्र विचाराधीन कैदियों के मामलों पर विचार-विमर्श किया। कमेटी ने सेंट्रल जेल श्रीनगर में बंद जिला श्रीनगर से संबंधित विचाराधीन कैदियों की स्थिति की समीक्षा की और कानून के तहत जमानत या अन्य कानूनी राहत पर विचार किया।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज ने विचाराधीन मामलों की समय पर समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि कोई भी पात्र कैदी अनावश्यक रूप से जेल में न रहे। उन्होंने विचाराधीन कैदियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीनगर की प्रतिबद्धता दोहराई। कमेटी ने पात्र मामलों के शीघ्र निपटान के लिए सभी हितधारक विभागों के बीच प्रभावी समन्वय पर भी जोर दिया। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत विचाराधीन कैदियों के चार मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से दो मामलों को दिशा निर्देशों के अनुसार कमेटी द्वारा विचार के लिए अनुशंसित किया गया। बैठक कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों और सिफारिशों के साथ समाप्त हुई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज नसीर अहमद डार की अध्यक्षता में वीरवार को अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी की इस कैलेंडर वर्ष की चौथी और अंतिम बैठक हुई। कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों और अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी फ्रेमवर्क के अनुसार पात्र विचाराधीन कैदियों के मामलों पर विचार-विमर्श किया। कमेटी ने सेंट्रल जेल श्रीनगर में बंद जिला श्रीनगर से संबंधित विचाराधीन कैदियों की स्थिति की समीक्षा की और कानून के तहत जमानत या अन्य कानूनी राहत पर विचार किया।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज ने विचाराधीन मामलों की समय पर समीक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि कोई भी पात्र कैदी अनावश्यक रूप से जेल में न रहे। उन्होंने विचाराधीन कैदियों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीनगर की प्रतिबद्धता दोहराई। कमेटी ने पात्र मामलों के शीघ्र निपटान के लिए सभी हितधारक विभागों के बीच प्रभावी समन्वय पर भी जोर दिया। बैठक में संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत विचाराधीन कैदियों के चार मामलों पर विचार किया गया, जिनमें से दो मामलों को दिशा निर्देशों के अनुसार कमेटी द्वारा विचार के लिए अनुशंसित किया गया। बैठक कमेटी द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुसार संबंधित अधिकारियों द्वारा त्वरित अनुवर्ती कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों और सिफारिशों के साथ समाप्त हुई।
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