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Srinagar News: स्काॅस्ट ने बडगाम में इको- फ्रेंडली कीट प्रबंधन पर कराया आउटरीच कार्यक्रम
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शेरे-कश्मीर युनिवर्सटी एग्रीकल्चर साइंस एंड टेकनोलॉजी कश्मीर ने बड़गाम में इको- फ्रेंडली कीट प्रबंधन पर आउटरीच कार्यक्रम किया आयोजित
बडगाम। शेरे-कश्मीर यूनिवर्सटी एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट ) कश्मीर ने मंगलवार को केवीके में सामग्री वितरण-साथ ही वैज्ञानिक-फार्मर इंटरक्शन कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च–नेशनल ब्यूरो ऑफ एग्रीकल्चरल इंसेक्ट रिसोर्सेज बंगलुरू द्वारा समर्थित था। प्रो. डॉ. रहीना हबीब कांत, निर्देशक एक्सटेन्शन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए इको-फ़्रेंडली और सतत कीट प्रबंधन प्रथाओं के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. बिलाल अहमद लोन, ने सहभागी किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और उच्च उपज के लिए वितरित सामग्रियों के प्रभावी उपयोग के बारे में जागरूक किया। डॉ. साजद मोहि-उद-दीन प्रधान अन्वेषक और डॉ. मुदासिर गनी, सह-प्रधान अन्वेषक ने दाल, मक्का, सेब और अन्य फसलों में समेकित कीट प्रबंधन पर व्यापक प्रस्तुति दी। आईसीएआर- एनबीएआईआर की आदिवासी उप-योजना पहल के तहत क्षेत्र के 50 आदिवासी किसानों में राजमाश बीज, वर्मी कंपोस्ट, फेरोमोन ट्रैप और नीम तेल सहित आवश्यक इनपुट वितरित किए गए।
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बडगाम। शेरे-कश्मीर यूनिवर्सटी एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्कॉस्ट ) कश्मीर ने मंगलवार को केवीके में सामग्री वितरण-साथ ही वैज्ञानिक-फार्मर इंटरक्शन कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च–नेशनल ब्यूरो ऑफ एग्रीकल्चरल इंसेक्ट रिसोर्सेज बंगलुरू द्वारा समर्थित था। प्रो. डॉ. रहीना हबीब कांत, निर्देशक एक्सटेन्शन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुईं। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए इको-फ़्रेंडली और सतत कीट प्रबंधन प्रथाओं के महत्व को रेखांकित किया।
डॉ. बिलाल अहमद लोन, ने सहभागी किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और उच्च उपज के लिए वितरित सामग्रियों के प्रभावी उपयोग के बारे में जागरूक किया। डॉ. साजद मोहि-उद-दीन प्रधान अन्वेषक और डॉ. मुदासिर गनी, सह-प्रधान अन्वेषक ने दाल, मक्का, सेब और अन्य फसलों में समेकित कीट प्रबंधन पर व्यापक प्रस्तुति दी। आईसीएआर- एनबीएआईआर की आदिवासी उप-योजना पहल के तहत क्षेत्र के 50 आदिवासी किसानों में राजमाश बीज, वर्मी कंपोस्ट, फेरोमोन ट्रैप और नीम तेल सहित आवश्यक इनपुट वितरित किए गए।
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