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Srinagar News: मंत्री ने मछली पालकों का किया सम्मान, दिए केसीसी कार्ड
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श्रीनगर के एसकेआईसीसी में कोल्ड वाटर फिशरीज की कार्यशाला में किसानों को चाबी देते कैबिनेट मंत
- एसकेआईसीसी में कोल्ड-वॉटर फिशरीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन में किसानों ने लगाए स्टॉल
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में शनिवार को मत्स्य पालन विभाग की ओर से कोल्ड-वॉटर फिशरीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने साथ मिलकर जम्मू और कश्मीर की सर्वश्रेष्ठ मत्स्य सहकारी समितियों, प्रगतिशील मछली किसानों, केसीसी लाभार्थियों, मत्स्य स्टार्टअप और अन्य योजनाओं के लाभों के लिए पुरस्कार प्रदान किए। वहीं परिसर में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया
एसकेआईसीसी में सम्मेलन में मंच से सर्वश्रेष्ठ मत्स्य सहकारी समिति श्रेणी में झेलम फिशरमैन कोऑपरेटिव लिमिटेड महाराजपोरा सोपोर, अफरवत ट्राउट फिश फार्मर्स कोऑपरेटिव लिमिटेड टंगमर्ग और बांदी ट्राउट फिश कोऑपरेटिव लिमिटेड कुपवाड़ा को सामूहिक मछली पालन और मूल्य-शृंखला को मजबूत करने में उनके नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
प्रगतिशील ठंडे पानी की मछली पालकों की श्रेणी में अनंतनाग के शकील मोहम्मद टीली, कुपवाड़ा के महजूर सुल्तान मीर, पुलवामा के उमर अकबर डार, श्रीनगर के जैद उल अहद और सारा बानो को टिकाऊ ट्राउट पालन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। श्रीनगर की नुसरत जान, अब्दुल राशिद गनी, बिलाल अहमद मलिक और आसिफ अहमद मलिक को जलीय कृषि में वैज्ञानिक और ऋण-सक्षम पद्धतियों को अपनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड देकर सम्मानित किया गया।
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सांबा की नेहा और जम्मू के राकेश भी सम्मानित
मत्स्य पालन स्टार्ट-अप श्रेणी में अनंतनाग के मंजूर अहमद भट, श्रीनगर के गौहर रसूल रेशी, सांबा की नेहा अत्री, जम्मू के राकेश कुमार, श्रीनगर के कोल्ड स्टोरेज कश्मीर ट्राउट और गांदरबल के रियाज अहमद रैना को चारा, पालन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त श्रीनगर की सारा बानो को एफआईडीएफ योजना के तहत एक नई आरएएस इकाई स्थापित करने की मंजूरी मिली। फसल कटाई के बाद की हैंडलिंग को बेहतर बनाने के लिए पुलवामा के अरसलान अली, बारामुला के मुजफ्फर अहमद डार, कुलगाम के मोहम्मद इकबाल मलिक, शोपियां के शाकिर अहमद मीर, पुलवामा के उमर अकबर डार को रेफ्रिजरेटेड वाहन वितरित किए गए। बडगाम के फारूक अहमद अखून, जीएन कालू, बाराुला के उमर फारूक डार, अनंतनाग के इरशाद अहमद खुरू, कुपवाड़ा के मुदस्सिर अहमद खांडे को तीन पहिया वाहन वितरित किए गए।
जलीय कृषि प्रबंधन के लिए मानक दिशानिर्देश किए जारी
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कोल्ड-वॉटर फिशरीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मंच से संयुक्त रूप से जलाशय मत्स्य पालन और जलीय कृषि प्रबंधन के लिए मानक दिशानिर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश एक व्यापक ढांचा प्रदान करते हैं, जिसमें वैज्ञानिक बीज भंडारण, पिंजरा- और बाड़ा-आधारित जलीय कृषि, पट्टे और शासन तंत्र, जैव विविधता संरक्षण, मूल्य-शृंखला संपर्क और निगरानी प्रणालियां शामिल हैं। वहीं एक छोटी फिल्म के जरिए इस क्षेत्र की विकास गाथा और टिकाऊ पहलों को प्रदर्शित किया गया।
देश के ट्राउट उत्पादन में जम्मू-कश्मीर का 90 फीसदी योगदान
कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सहकारिता मंत्री जावेद अहमद डार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर भारत के कुल ट्राउट उत्पादन में लगभग 90 प्रतिशत का योगदान देता है। इसमें गांदरबल और अनंतनाग जैसे क्षेत्र अपने उत्पादन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने हैचरी के विस्तार और आधुनिकीकरण, तथा फसल कटाई के बाद के प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने का उल्लेख किया। इन सभी प्रयासों ने इस क्षेत्र को प्रौद्योगिकी-आधारित रोजगार के एक प्रमुख स्रोत के रूप में स्थापित किया है। केंद्रीय सचिव डॉ. अभिलक्ष लेखी ने भारत के समृद्ध स्वदेशी जर्मप्लाज्म (आनुवंशिक संसाधनों) के संरक्षण में ठंडे पानी की मत्स्य पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की 278 से अधिक प्रजातियां राष्ट्रीय उत्पादन, इको-टूरिज्म और विशिष्ट बाजार की संभावनाओं में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। संयुक्त सचिव सागर मेहरा ने बताया कि इस क्षेत्र में किए गए 230 करोड़ रुपये के निवेश से मूल्य-शृंखला की दक्षता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने रेसवे और केज कल्चर जैसी उन्नत प्रोडक्शन प्रणालियों का विस्तार करने, आईओटी-सक्षम मॉनिटरिंग लागू करने, जेनेटिक सुधार और फीड इको सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में शनिवार को मत्स्य पालन विभाग की ओर से कोल्ड-वॉटर फिशरीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री, उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने साथ मिलकर जम्मू और कश्मीर की सर्वश्रेष्ठ मत्स्य सहकारी समितियों, प्रगतिशील मछली किसानों, केसीसी लाभार्थियों, मत्स्य स्टार्टअप और अन्य योजनाओं के लाभों के लिए पुरस्कार प्रदान किए। वहीं परिसर में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण भी किया
एसकेआईसीसी में सम्मेलन में मंच से सर्वश्रेष्ठ मत्स्य सहकारी समिति श्रेणी में झेलम फिशरमैन कोऑपरेटिव लिमिटेड महाराजपोरा सोपोर, अफरवत ट्राउट फिश फार्मर्स कोऑपरेटिव लिमिटेड टंगमर्ग और बांदी ट्राउट फिश कोऑपरेटिव लिमिटेड कुपवाड़ा को सामूहिक मछली पालन और मूल्य-शृंखला को मजबूत करने में उनके नेतृत्व के लिए सम्मानित किया गया।
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प्रगतिशील ठंडे पानी की मछली पालकों की श्रेणी में अनंतनाग के शकील मोहम्मद टीली, कुपवाड़ा के महजूर सुल्तान मीर, पुलवामा के उमर अकबर डार, श्रीनगर के जैद उल अहद और सारा बानो को टिकाऊ ट्राउट पालन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। श्रीनगर की नुसरत जान, अब्दुल राशिद गनी, बिलाल अहमद मलिक और आसिफ अहमद मलिक को जलीय कृषि में वैज्ञानिक और ऋण-सक्षम पद्धतियों को अपनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड देकर सम्मानित किया गया।
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सांबा की नेहा और जम्मू के राकेश भी सम्मानित
मत्स्य पालन स्टार्ट-अप श्रेणी में अनंतनाग के मंजूर अहमद भट, श्रीनगर के गौहर रसूल रेशी, सांबा की नेहा अत्री, जम्मू के राकेश कुमार, श्रीनगर के कोल्ड स्टोरेज कश्मीर ट्राउट और गांदरबल के रियाज अहमद रैना को चारा, पालन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त श्रीनगर की सारा बानो को एफआईडीएफ योजना के तहत एक नई आरएएस इकाई स्थापित करने की मंजूरी मिली। फसल कटाई के बाद की हैंडलिंग को बेहतर बनाने के लिए पुलवामा के अरसलान अली, बारामुला के मुजफ्फर अहमद डार, कुलगाम के मोहम्मद इकबाल मलिक, शोपियां के शाकिर अहमद मीर, पुलवामा के उमर अकबर डार को रेफ्रिजरेटेड वाहन वितरित किए गए। बडगाम के फारूक अहमद अखून, जीएन कालू, बाराुला के उमर फारूक डार, अनंतनाग के इरशाद अहमद खुरू, कुपवाड़ा के मुदस्सिर अहमद खांडे को तीन पहिया वाहन वितरित किए गए।
जलीय कृषि प्रबंधन के लिए मानक दिशानिर्देश किए जारी
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कैबिनेट मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कोल्ड-वॉटर फिशरीज पर राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मंच से संयुक्त रूप से जलाशय मत्स्य पालन और जलीय कृषि प्रबंधन के लिए मानक दिशानिर्देश जारी किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि ये दिशानिर्देश एक व्यापक ढांचा प्रदान करते हैं, जिसमें वैज्ञानिक बीज भंडारण, पिंजरा- और बाड़ा-आधारित जलीय कृषि, पट्टे और शासन तंत्र, जैव विविधता संरक्षण, मूल्य-शृंखला संपर्क और निगरानी प्रणालियां शामिल हैं। वहीं एक छोटी फिल्म के जरिए इस क्षेत्र की विकास गाथा और टिकाऊ पहलों को प्रदर्शित किया गया।
देश के ट्राउट उत्पादन में जम्मू-कश्मीर का 90 फीसदी योगदान
कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, सहकारिता मंत्री जावेद अहमद डार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर भारत के कुल ट्राउट उत्पादन में लगभग 90 प्रतिशत का योगदान देता है। इसमें गांदरबल और अनंतनाग जैसे क्षेत्र अपने उत्पादन के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने हैचरी के विस्तार और आधुनिकीकरण, तथा फसल कटाई के बाद के प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने का उल्लेख किया। इन सभी प्रयासों ने इस क्षेत्र को प्रौद्योगिकी-आधारित रोजगार के एक प्रमुख स्रोत के रूप में स्थापित किया है। केंद्रीय सचिव डॉ. अभिलक्ष लेखी ने भारत के समृद्ध स्वदेशी जर्मप्लाज्म (आनुवंशिक संसाधनों) के संरक्षण में ठंडे पानी की मत्स्य पालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की 278 से अधिक प्रजातियां राष्ट्रीय उत्पादन, इको-टूरिज्म और विशिष्ट बाजार की संभावनाओं में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। संयुक्त सचिव सागर मेहरा ने बताया कि इस क्षेत्र में किए गए 230 करोड़ रुपये के निवेश से मूल्य-शृंखला की दक्षता और उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने रेसवे और केज कल्चर जैसी उन्नत प्रोडक्शन प्रणालियों का विस्तार करने, आईओटी-सक्षम मॉनिटरिंग लागू करने, जेनेटिक सुधार और फीड इको सिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया।