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Srinagar News: जम्मू-कश्मीर में जल्द बनेगा यूटी स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर नियमन और संचालन के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जम्मू-कश्मीर के मिशन निदेशक अतहर आमिर उल शफी खान की अध्यक्षता में इस संबंध में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव, जीएमसी जम्मू और जीएमसी श्रीनगर के मनोरोग विभागाध्यक्ष तथा एनएचएम जेएंडके के मेंटल हेल्थ प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुरूप केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर जल्द से जल्द प्राधिकरण की स्थापना करना था। मिशन निदेशक ने प्राधिकरण के गठन और उसे पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए आवश्यक वैधानिक आवश्यकताओं, संस्थागत ढांचे और परिचालन प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की।
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अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की नियामक प्रणाली को मजबूत करने, मरीजों के अधिकारों की रक्षा करने और सभी संबंधित विभागों व हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर नियमन और संचालन के लिए केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जम्मू-कश्मीर के मिशन निदेशक अतहर आमिर उल शफी खान की अध्यक्षता में इस संबंध में एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव, जीएमसी जम्मू और जीएमसी श्रीनगर के मनोरोग विभागाध्यक्ष तथा एनएचएम जेएंडके के मेंटल हेल्थ प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट के अधिकारी शामिल हुए।
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बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 के प्रावधानों के अनुरूप केंद्र शासित प्रदेश स्तर पर जल्द से जल्द प्राधिकरण की स्थापना करना था। मिशन निदेशक ने प्राधिकरण के गठन और उसे पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए आवश्यक वैधानिक आवश्यकताओं, संस्थागत ढांचे और परिचालन प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की।
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अधिकारियों ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की नियामक प्रणाली को मजबूत करने, मरीजों के अधिकारों की रक्षा करने और सभी संबंधित विभागों व हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।