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जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक संपदा और ऊर्जावान युवाओं से भरा है : सिन्हा
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श्रीनगर में पुस्तक महसूस का विमोचन करते उपराज्यपाल। संवाद
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उपराज्यपाल ने किया ‘महसूस-सामाजिक परिवर्तन की कहानियां’ का विमोचन
बोले-यह पुस्तक लोगों के लिए प्रेरणादायक गाथाओं का संग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर के मीडिया कॉम्प्लेक्स स्थित डीआईपीआर ऑडिटोरियम में महसूस-सामाजिक बदलाव की कहानियां नामक पुस्तक के विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक संपदा और ऊर्जावान युवाओं से भरा पड़ा है।
उन्होंने लोगों से आत्मचिंतन करने और सामाजिक प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, स्वयं से पूछें-मैं अपने समुदाय के लिए क्या कर रहा हूं, मैं लोगों के लिए कैसी विरासत का निर्माण कर रहा हूं। मैं आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या छोड़ जाना चाहता हूं। आपके भीतर से मिलने वाले इन सवालों के जवाब ही हमारे कल को नया आकार देंगे।
उन्होंने कहा, यह पुस्तक सेवा भारती और एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्वयंसेवकों द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा और सामाजिक बदलाव लाने वाली पहलों की प्रेरणादायक जमीनी कहानियों को सामने लाती है।यह पुस्तक लोगों के लिए प्रेरणा का एक संग्रह है। मैं चाहता हूं कि सेवा भारती के बलिदानों, एकल विद्यालय के समर्पण, स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और हमारे समुदायों में आए बदलाव की ये कहानियां जम्मू-कश्मीर की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे भारत में अनगिनत स्वयंसेवकों को प्रेरित करें।
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उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में एक उज्ज्वल भविष्य गढ़ने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश प्राकृतिक संपदा, ऊर्जावान युवाओं और सेवा-भाव से प्रेरित नागरिकों से भरा हुआ है। महान भविष्य केवल किस्मत से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों से गढ़ा जाता है। एक समृद्ध जम्मू-कश्मीर की पहचान केवल आर्थिक पैमानों से नहीं, बल्कि जीवन की उस गुणवत्ता से होगी जिसे हर नागरिक संजोकर रखता है।
उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर को एक अनुकरणीय और अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए पांच संकल्पों सामाजिक सौहार्द, पारिवारिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
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बोले-यह पुस्तक लोगों के लिए प्रेरणादायक गाथाओं का संग्रह
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर के मीडिया कॉम्प्लेक्स स्थित डीआईपीआर ऑडिटोरियम में महसूस-सामाजिक बदलाव की कहानियां नामक पुस्तक के विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक संपदा और ऊर्जावान युवाओं से भरा पड़ा है।
उन्होंने लोगों से आत्मचिंतन करने और सामाजिक प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, स्वयं से पूछें-मैं अपने समुदाय के लिए क्या कर रहा हूं, मैं लोगों के लिए कैसी विरासत का निर्माण कर रहा हूं। मैं आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या छोड़ जाना चाहता हूं। आपके भीतर से मिलने वाले इन सवालों के जवाब ही हमारे कल को नया आकार देंगे।
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उन्होंने कहा, यह पुस्तक सेवा भारती और एकल विद्यालय फाउंडेशन ऑफ इंडिया के स्वयंसेवकों द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा और सामाजिक बदलाव लाने वाली पहलों की प्रेरणादायक जमीनी कहानियों को सामने लाती है।यह पुस्तक लोगों के लिए प्रेरणा का एक संग्रह है। मैं चाहता हूं कि सेवा भारती के बलिदानों, एकल विद्यालय के समर्पण, स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता और हमारे समुदायों में आए बदलाव की ये कहानियां जम्मू-कश्मीर की सीमाओं से बाहर निकलकर पूरे भारत में अनगिनत स्वयंसेवकों को प्रेरित करें।
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उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि जम्मू-कश्मीर में एक उज्ज्वल भविष्य गढ़ने की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश प्राकृतिक संपदा, ऊर्जावान युवाओं और सेवा-भाव से प्रेरित नागरिकों से भरा हुआ है। महान भविष्य केवल किस्मत से नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयासों से गढ़ा जाता है। एक समृद्ध जम्मू-कश्मीर की पहचान केवल आर्थिक पैमानों से नहीं, बल्कि जीवन की उस गुणवत्ता से होगी जिसे हर नागरिक संजोकर रखता है।
उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर को एक अनुकरणीय और अग्रणी केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए पांच संकल्पों सामाजिक सौहार्द, पारिवारिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।