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Srinagar News: केयू के सीआईआरआई को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा ,बायोमेडिकल रिसर्च में बड़ी उपलब्धि
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- भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने शोध की गुणवत्ता और नवाचार को दी राष्ट्रीय मान्यता
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) के सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन ने अकादमिक और अनुसंधान क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली की ओर से सीआईआरआई को क्षेत्र में बायोमेडिकल अनुसंधान के उत्कृष्ट कार्यों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया गया है।
आईसीएमआर द्वारा दी गई यह राष्ट्रीय मान्यता कश्मीर विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय बहुविषयक शोध और वैज्ञानिक नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सीआईआरआई टीम को बधाई देते हुए कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कहा, आईसीएमआर की ओर से दिया गया यह सम्मान सीआईआरआई में किए जा रहे शोध की उच्च गुणवत्ता और यहां के वैज्ञानिकों के समर्पण को दर्शाता है। विश्वविद्यालय अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र को निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मान्यता से संस्थान को बायोमेडिकल चुनौतियों का वैज्ञानिक समाधान खोजने, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने और विभिन्न वैज्ञानिक विषयों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
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कुलपति ने सीआईआरआई के समन्वयक डॉ. अल्ताफ भट और शोधकर्ताओं डॉ. अब्दुल वाजिद, डॉ. जावेद भट, डॉ. अयूब कादरी और डॉ. तंजिला मुख्तार को विशेष रूप से इस सफलता पर बधाई दी।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. शरीफुद्दीन पीरजादा, डीन रिसर्च प्रो. बशीर गनाई और रजिस्ट्रार प्रो. नजीर इकबाल ने भी पूरी शोध टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और बायोमेडिकल इनोवेशन के इकोसिस्टम को मजबूत करने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
ब्रेन गेन पहल से अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का मिल रहा साथ
सीआईआरआई की शोध क्षमता को राष्ट्रीय ब्रेन गेन पहल से भी नई ताकत मिली है। इस पहल के तहत हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका), मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट (जर्मनी), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और लावल यूनिवर्सिटी (कनाडा) जैसे विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिक सीआईआरआई के साथ जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के इस अनुभव और विशेषज्ञता का सीधा लाभ शोध क्षमता के निर्माण, युवा वैज्ञानिकों के कौशल विकास और वैश्विक शोध साझेदारियों में मिल रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। कश्मीर विश्वविद्यालय (केयू) के सेंटर फॉर इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च एंड इनोवेशन ने अकादमिक और अनुसंधान क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली की ओर से सीआईआरआई को क्षेत्र में बायोमेडिकल अनुसंधान के उत्कृष्ट कार्यों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया गया है।
आईसीएमआर द्वारा दी गई यह राष्ट्रीय मान्यता कश्मीर विश्वविद्यालय में उच्च स्तरीय बहुविषयक शोध और वैज्ञानिक नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सीआईआरआई टीम को बधाई देते हुए कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलोफर खान ने कहा, आईसीएमआर की ओर से दिया गया यह सम्मान सीआईआरआई में किए जा रहे शोध की उच्च गुणवत्ता और यहां के वैज्ञानिकों के समर्पण को दर्शाता है। विश्वविद्यालय अनुसंधान गतिविधियों के विस्तार, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र को निरंतर सहयोग प्रदान करता रहेगा।
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उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मान्यता से संस्थान को बायोमेडिकल चुनौतियों का वैज्ञानिक समाधान खोजने, साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को बढ़ावा देने और विभिन्न वैज्ञानिक विषयों के बीच आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए नई प्रेरणा मिलेगी।
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कुलपति ने सीआईआरआई के समन्वयक डॉ. अल्ताफ भट और शोधकर्ताओं डॉ. अब्दुल वाजिद, डॉ. जावेद भट, डॉ. अयूब कादरी और डॉ. तंजिला मुख्तार को विशेष रूप से इस सफलता पर बधाई दी।
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. शरीफुद्दीन पीरजादा, डीन रिसर्च प्रो. बशीर गनाई और रजिस्ट्रार प्रो. नजीर इकबाल ने भी पूरी शोध टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और बायोमेडिकल इनोवेशन के इकोसिस्टम को मजबूत करने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
ब्रेन गेन पहल से अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का मिल रहा साथ
सीआईआरआई की शोध क्षमता को राष्ट्रीय ब्रेन गेन पहल से भी नई ताकत मिली है। इस पहल के तहत हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (अमेरिका), मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट (जर्मनी), कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय और लावल यूनिवर्सिटी (कनाडा) जैसे विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़े वैज्ञानिक सीआईआरआई के साथ जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के इस अनुभव और विशेषज्ञता का सीधा लाभ शोध क्षमता के निर्माण, युवा वैज्ञानिकों के कौशल विकास और वैश्विक शोध साझेदारियों में मिल रहा है।