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Srinagar News: स्वास्थ्य विभाग में नौकरी घोटाले के मामले में 17 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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- आरोपियों में चीफ मेडिकल ऑफिसर, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और अन्य शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी घोटाले में स्पेशल एंटी-करप्शन जज बारामुला की अदालत में वीरवार को 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई उनमें एक चीफ मेडिकल ऑफिसर, एक ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, डॉक्टर/मेडिकल ऑफिसर, एक सीनियर असिस्टेंट, स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय सहायक और 12 लाभार्थी (कर्मचारी) शामिल हैं जिन्हें धोखे से ऐसे पद पर नियुक्त किया गया था जो हैं ही नहीं।
ईओडब्ल्यू के प्रवक्ता ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (एचक्यूआर) कश्मीर से आधिकारिक संचार मिलने के बाद वर्ष 2013 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें 19 अप्रैल 2010 के सरकारी ऑर्डर नंबर 235-एचएमईए में धोखाधड़ी से फेरबदल करने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने दूसरों के साथ मिलकर उस ऑर्डर में हेरफेर किया। धोखाधड़ी से मेडिकल ब्लॉक बांदीपोरा में अतिरिक्त पदों का सृजन दिखाया।
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उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि विभाग के अधिकारियों और लाभार्थियों की मिलीभगत से सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत नकली ट्रांसफर और अपॉइंटमेंट ऑर्डर तैयार किए गए। इनका इस्तेमाल पीएचसी चुन्तिमुल्लाह, पीएचसी अशअटेंगू, एसडीएच बांदीपोरा व पीएचसी शेखपोरा गुरेज में कई लोगों को गैर-मौजूद पद पर गैर-कानूनी तरीके से एडजस्ट करने के लिए किया गया। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपी लाभार्थी गैर-कानूनी नियुक्ति पाने में कामयाब रहे और इन्होंने सरकारी खजाने से वेतन और छठे वेतन आयोग का एरियर निकाला।
सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाई
प्रवक्ता ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने जालसाजी और धोखाधड़ी के तरीकों का इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाई और खुद भी गलत तरीके से लाभ लिया। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। क्राइम ब्रांच जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कश्मीर ने स्वास्थ्य विभाग में नौकरी घोटाले में स्पेशल एंटी-करप्शन जज बारामुला की अदालत में वीरवार को 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई उनमें एक चीफ मेडिकल ऑफिसर, एक ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, डॉक्टर/मेडिकल ऑफिसर, एक सीनियर असिस्टेंट, स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय सहायक और 12 लाभार्थी (कर्मचारी) शामिल हैं जिन्हें धोखे से ऐसे पद पर नियुक्त किया गया था जो हैं ही नहीं।
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ईओडब्ल्यू के प्रवक्ता ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज (एचक्यूआर) कश्मीर से आधिकारिक संचार मिलने के बाद वर्ष 2013 में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें 19 अप्रैल 2010 के सरकारी ऑर्डर नंबर 235-एचएमईए में धोखाधड़ी से फेरबदल करने का आरोप लगाया गया था। आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने दूसरों के साथ मिलकर उस ऑर्डर में हेरफेर किया। धोखाधड़ी से मेडिकल ब्लॉक बांदीपोरा में अतिरिक्त पदों का सृजन दिखाया।
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उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि विभाग के अधिकारियों और लाभार्थियों की मिलीभगत से सोची-समझी आपराधिक साजिश के तहत नकली ट्रांसफर और अपॉइंटमेंट ऑर्डर तैयार किए गए। इनका इस्तेमाल पीएचसी चुन्तिमुल्लाह, पीएचसी अशअटेंगू, एसडीएच बांदीपोरा व पीएचसी शेखपोरा गुरेज में कई लोगों को गैर-मौजूद पद पर गैर-कानूनी तरीके से एडजस्ट करने के लिए किया गया। इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर आरोपी लाभार्थी गैर-कानूनी नियुक्ति पाने में कामयाब रहे और इन्होंने सरकारी खजाने से वेतन और छठे वेतन आयोग का एरियर निकाला।
सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाई
प्रवक्ता ने बताया कि जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने जालसाजी और धोखाधड़ी के तरीकों का इस्तेमाल कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की चपत लगाई और खुद भी गलत तरीके से लाभ लिया। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई।