फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Srinagar News ›   Srinagar, Highcourt Gave Bail, Murder Accused, Verdict

ट्रायल में बहुत ज्यादा देरी जघन्य अपराधों में भी जमानत का अहम तथ्य : हाईकोर्ट

विज्ञापन
Srinagar, Highcourt Gave Bail, Murder Accused, Verdict
उच्च न्यायालय ने 13 साल पुराने मर्डर केस में आरोपी को जमानत दी
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने 13 साल पुराने हत्या के केस में एक आरोपी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने कहा कि लंबे समय तक जेल में रहना और ट्रायल खत्म होने में बहुत ज्यादा देरी, हत्या जैसे जघन्य अपराधों में भी ऐसी याचिकाओं पर फैसला करते समय अहम फैक्टर होते हैं।
आरोपी फहद मकसूद खान को जमानत देते हुए जस्टिस संजय धर की बेंच ने कहा कि ट्रायल में देरी पूरी तरह से प्रॉसिक्यूशन की वजह से हुई थी और भविष्य में ट्रायल खत्म होने की संभावना बहुत कम है। फहद ने पुलिस स्टेशन सदर श्रीनगर में दर्ज एफआईआर में जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। यह मामला एडिशनल सेशंस जज श्रीनगर के समक्ष पेंडिंग है। बेंच ने कहा, ऐसा लगता है कि निचली अदालत ने ट्रायल पूरा करने के लिए अभियोजन गवाहों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किए हैं जिसके लिए निचली अदालत तारीफ की हकदार है।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार 4 जुलाई 2012 को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पड़ोसी ने अपने बेटों के साथ, जिनमें से एक फहद मकसूद खान था, उसके पति पर पत्थर, लाठी, ईंट और चाकू से हमला किया। घायल जीएम शाह ने बाद में चोटों के कारण दम तोड़ दिया। चार्जशीट 1 सितंबर 2012 को दायर की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेंच ने कहा कि फहद 13 साल से ज्यादा समय से हिरासत में है जबकि 33 अभियोजन गवाहों में से अब तक लंबी चली सुनवाई के दौरान केवल 29 की ही जांच की गई है। बेंच ने कहा कि निचली अदालत के बार-बार निर्देश देने और गवाहों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए एसएसपी श्रीनगर के दखल के बावजूद अभियोजन सबूत पेश करने में नाकाम रहा।
कोर्ट ने कहा कि बाकी गवाह सरकारी और विशेषज्ञ गवाह हैं जिनमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। बेंच ने कहा कि अभियोजन ट्रायल को अनिश्चित काल तक लंबा नहीं खींच सकता। ऐसी परिस्थितियों में, एकमात्र रास्ता यह है कि अंडरट्रायल आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाए।

जमानत देते हुए, बेंच ने निर्देश दिया कि फहद को कुछ शर्तों के साथ रिहा किया जाए जिसमें एक लाख रुपये के दो स्थानीय जमानतदारों के साथ पर्सनल बॉन्ड देना, अपना पासपोर्ट सरेंडर करना, कोर्ट की इजाजत के बिना राज्य से बाहर न जाना, सबूतों से छेड़छाड़ न करना और सुनवाई की हर तारीख पर ट्रायल कोर्ट में पेश होना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed