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नार्को-टेरर के खिलाफ मिशन को जन आंदोलन बनाना होगा : डॉ. अंद्राबी
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बडगाम में डॉ. द्रक्षां अंद्राबी और अशोक कौल। संवाद
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने कहा कि नार्को-टेरर के खिलाफ लड़ाई को जम्मू-कश्मीर में जन आंदोलन बनाना होगा। बडगाम के टाउन हॉल में अल-रहीम ट्रस्ट की ओर से आयोजित अस्लुक आलव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं है लेकिन लगातार और सख्त कार्रवाई से ही इस बुराई को खत्म किया जा सकता है।
डॉ. अंद्राबी ने कहा कि 1989 से जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ ड्रग नेटवर्क भी काम कर रहा है और इसकी जड़ें समाज में बहुत गहरी हैं। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर को प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत मिशन का हिस्सा बनना होगा। नार्को-टेरर के खिलाफ यह मिशन जन आंदोलन बने, तभी कामयाबी मिलेगी । कार्यक्रम में भाजपा जम्मू-कश्मीर के महासचिव संगठन अशोक कौल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कामयाब जिंदगी के लिए सामाजिक बदलाव जरूरी है। कौल ने कहा हमें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को बचाकर रखना होगा ताकि हमारी युवा पीढ़ी सुरक्षित रहे।
कश्मीर की साझा संस्कृति अलग-अलग मजहब और भाषाओं के मूल्यों पर टिकी है। हमें नशा मुक्त, शांतिपूर्ण और सहिष्णु पीढ़ी तैयार करनी है ताकि बदलती दुनिया में भी हमारी पहचान कायम रहे। कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने पत्रकारों से भी बातचीत की। धार्मिक प्रचारक मौलाना ओवैस कादिरी ने भी सभा को संबोधित किया।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की चेयरपर्सन डॉ. सैयद दरख्शां अंद्राबी ने कहा कि नार्को-टेरर के खिलाफ लड़ाई को जम्मू-कश्मीर में जन आंदोलन बनाना होगा। बडगाम के टाउन हॉल में अल-रहीम ट्रस्ट की ओर से आयोजित अस्लुक आलव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं है लेकिन लगातार और सख्त कार्रवाई से ही इस बुराई को खत्म किया जा सकता है।
डॉ. अंद्राबी ने कहा कि 1989 से जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के साथ-साथ ड्रग नेटवर्क भी काम कर रहा है और इसकी जड़ें समाज में बहुत गहरी हैं। उन्होंने कहा जम्मू-कश्मीर को प्रधानमंत्री के नशा मुक्त भारत मिशन का हिस्सा बनना होगा। नार्को-टेरर के खिलाफ यह मिशन जन आंदोलन बने, तभी कामयाबी मिलेगी । कार्यक्रम में भाजपा जम्मू-कश्मीर के महासचिव संगठन अशोक कौल भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कामयाब जिंदगी के लिए सामाजिक बदलाव जरूरी है। कौल ने कहा हमें अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को बचाकर रखना होगा ताकि हमारी युवा पीढ़ी सुरक्षित रहे।
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कश्मीर की साझा संस्कृति अलग-अलग मजहब और भाषाओं के मूल्यों पर टिकी है। हमें नशा मुक्त, शांतिपूर्ण और सहिष्णु पीढ़ी तैयार करनी है ताकि बदलती दुनिया में भी हमारी पहचान कायम रहे। कार्यक्रम के बाद दोनों नेताओं ने पत्रकारों से भी बातचीत की। धार्मिक प्रचारक मौलाना ओवैस कादिरी ने भी सभा को संबोधित किया।
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