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ज्ञान आधारित औद्योगिक नीति के पुनर्गठन पर काम कर रही सरकार : उमर
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें फैक्ट्रियां नहीं अनुसंधान और विकास केंद्र चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले न होकर नौकरी देने वाले बने। हमारी सरकार ज्ञान आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति के पुनर्गठन करने पर काम कर रही है।
कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उमर ने कहा कि हमें सिर्फ फैक्ट्रियां नहीं चाहिए, हमें अनुसंधान और विकास केंद्र चाहिए। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि कश्मीर यूनिवर्सिटी से बायोटेक स्नातकों को लैब खोजने के लिए पुणे या हैदराबाद न जाना पड़े। हम चाहते हैं कि वे लैब यहां जबरवान पहाड़ियों के दामन में हो। उमर ने कहा कि दीक्षांत समारोह में 60 प्रतिशत से ज़्यादा हमारी बेटियों ने मेडल अर्जित किये, यह गरीबी और अस्थिरता के खिलाफ हमारे पास सबसे ताकतवर हथियार है।
हम कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर में निवेश कर रहे हैं जहां युवाओं के विचार भारी शुरुआती कर्ज के बोझ के बिना प्रोटोटाइप बन सकते हैं। यह केसर और सिलिकॉन विजन है। हम जम्मू-कश्मीर को डेटा-फ्रेंडली ज़ोन में बदल रहे हैं, हमारे प्राकृतिक ठंडे मौसम के साथ, हम ग्रीन डेटा सेंटर्स के लिए आदर्श गंतव्य हैं।
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उन्होंने कहा, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, हमारी सर्दियां बदल रही हैं। इसीलिए हम टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहे हैं चाहे वह गुलमर्ग में हमारे स्की सीजन को बचाने के लिए आर्टिफिशियल स्नो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो या कंक्रीट होटलों की जगह इको-टेंट को बढ़ावा देना हो।मैं यहां के पर्यावरण विज्ञान स्नातक से अपील करता हूं कि वे कश्मीरी मेहमाननवाजी के लिए एक ग्रीन स्टैंडर्ड बनाने में हमारी मदद करें।
विकास के लिए शांति की ऑक्सीजन की जरूरत
उमर ने कहा कि विकास के लिए शांति की ऑक्सीजन की जरूरत होती है। मेरी सरकार का पहला काम आपको एक पारदर्शी, लोकतांत्रिक और स्थिर माहौल देना है। पहलागाम हमले का जिक्र करते हुए उमर ने कहा कि यह क्षेत्र अपनी असली क्षमता को पहचानना शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा, हम बॉर्डर टूरिज्म में आगे बढ़ रहे हैं - केरन, गुरेज और टीटवाल जैसे गांव जो कभी लड़ाई की पहचान माने जाते थे अब जुड़ाव की निशानी हैं। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नौ नई जगहें विकसित करने पर काम कर रहे हैं ताकि टूरिज्म का फायदा आखिरी आदमी तक पहुंचे।
युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य नजरअंदाज नहीं कर सकते
उमर ने कहा, हम अपने युवाओं की मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमारा समाज बहुत ज़्यादा दबाव और सदमे के रास्ते पर चला है। मनोविज्ञान और सामाजिक कार्य के स्नातक के लिए आपकी डिग्री एक हीलिंग टच है। मेरी सरकार मिशन यूथ के जरिए जिला स्तर पर काउंसलिंग को बढ़ा रही है लेकिन हमें आपकी जरूरत है कि आप बातचीत को कलंक मुक्त करें।
नवाचार और सहभागी शासन का हब बन रहा प्रदेश
उमर ने कहा, बहुत लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को एक छोटी नजर से देखा गया। हम सिर्फ पर्यटन या सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित थे लेकिन 2026 में जम्मू-कश्मीर नवाचार और सहभागी शासन का हब बन रहा है। हमने मुश्किलों का सामना किया है। हमने 2025 के सदमे और उसके बाद आए आर्थिक झटकों का सामना किया है। यूनिवर्सिटी के साइंस और आईटी स्नातकों से लैब और जमीन के बीच के गैप को भरने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें हमारे बागों में रियल-टाइम पेस्ट डिटेक्शन के लिए एप्स और ट्रेसेब्लिटी के लिए ब्लॉकचेन पर काम करने की जरूरत है ताकि न्यूयॉर्क का कोई खरीदार जान सके कि केसर सच में पंपोर से है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वीरवार को कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले न होकर नौकरी देने वाले बने। हमारी सरकार ज्ञान आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक नीति के पुनर्गठन करने पर काम कर रही है।
कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उमर ने कहा कि हमें सिर्फ फैक्ट्रियां नहीं चाहिए, हमें अनुसंधान और विकास केंद्र चाहिए। हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि कश्मीर यूनिवर्सिटी से बायोटेक स्नातकों को लैब खोजने के लिए पुणे या हैदराबाद न जाना पड़े। हम चाहते हैं कि वे लैब यहां जबरवान पहाड़ियों के दामन में हो। उमर ने कहा कि दीक्षांत समारोह में 60 प्रतिशत से ज़्यादा हमारी बेटियों ने मेडल अर्जित किये, यह गरीबी और अस्थिरता के खिलाफ हमारे पास सबसे ताकतवर हथियार है।
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हम कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर में निवेश कर रहे हैं जहां युवाओं के विचार भारी शुरुआती कर्ज के बोझ के बिना प्रोटोटाइप बन सकते हैं। यह केसर और सिलिकॉन विजन है। हम जम्मू-कश्मीर को डेटा-फ्रेंडली ज़ोन में बदल रहे हैं, हमारे प्राकृतिक ठंडे मौसम के साथ, हम ग्रीन डेटा सेंटर्स के लिए आदर्श गंतव्य हैं।
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उन्होंने कहा, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, हमारी सर्दियां बदल रही हैं। इसीलिए हम टिकाऊ बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहे हैं चाहे वह गुलमर्ग में हमारे स्की सीजन को बचाने के लिए आर्टिफिशियल स्नो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो या कंक्रीट होटलों की जगह इको-टेंट को बढ़ावा देना हो।मैं यहां के पर्यावरण विज्ञान स्नातक से अपील करता हूं कि वे कश्मीरी मेहमाननवाजी के लिए एक ग्रीन स्टैंडर्ड बनाने में हमारी मदद करें।
विकास के लिए शांति की ऑक्सीजन की जरूरत
उमर ने कहा कि विकास के लिए शांति की ऑक्सीजन की जरूरत होती है। मेरी सरकार का पहला काम आपको एक पारदर्शी, लोकतांत्रिक और स्थिर माहौल देना है। पहलागाम हमले का जिक्र करते हुए उमर ने कहा कि यह क्षेत्र अपनी असली क्षमता को पहचानना शुरू कर रहा है। उन्होंने कहा, हम बॉर्डर टूरिज्म में आगे बढ़ रहे हैं - केरन, गुरेज और टीटवाल जैसे गांव जो कभी लड़ाई की पहचान माने जाते थे अब जुड़ाव की निशानी हैं। हम केंद्र सरकार के साथ मिलकर नौ नई जगहें विकसित करने पर काम कर रहे हैं ताकि टूरिज्म का फायदा आखिरी आदमी तक पहुंचे।
युवाओं का मानसिक स्वास्थ्य नजरअंदाज नहीं कर सकते
उमर ने कहा, हम अपने युवाओं की मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हमारा समाज बहुत ज़्यादा दबाव और सदमे के रास्ते पर चला है। मनोविज्ञान और सामाजिक कार्य के स्नातक के लिए आपकी डिग्री एक हीलिंग टच है। मेरी सरकार मिशन यूथ के जरिए जिला स्तर पर काउंसलिंग को बढ़ा रही है लेकिन हमें आपकी जरूरत है कि आप बातचीत को कलंक मुक्त करें।
नवाचार और सहभागी शासन का हब बन रहा प्रदेश
उमर ने कहा, बहुत लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को एक छोटी नजर से देखा गया। हम सिर्फ पर्यटन या सिर्फ खेती-बाड़ी तक ही सीमित थे लेकिन 2026 में जम्मू-कश्मीर नवाचार और सहभागी शासन का हब बन रहा है। हमने मुश्किलों का सामना किया है। हमने 2025 के सदमे और उसके बाद आए आर्थिक झटकों का सामना किया है। यूनिवर्सिटी के साइंस और आईटी स्नातकों से लैब और जमीन के बीच के गैप को भरने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें हमारे बागों में रियल-टाइम पेस्ट डिटेक्शन के लिए एप्स और ट्रेसेब्लिटी के लिए ब्लॉकचेन पर काम करने की जरूरत है ताकि न्यूयॉर्क का कोई खरीदार जान सके कि केसर सच में पंपोर से है।