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Srinagar News: पहलगाम और शांगस में बादल फटा, नालों में आई अचानक बाढ़, कोई हताहत नहीं
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बादल फटने के बाद होटल में घुसापानी। वीडियो ग्रैब
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- कई होटलों में अब भी भरा है पानी, बचाव कार्य जारी
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चित्रगुल के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से नाला आरपत चित्रगुल शांगस में अचानक बाढ़ आ गई। इसके साथ ही एक और बादल फटने के कारण पहलगाम के नाला आवूरा में भी पानी का स्तर बेहद तेजी से बढ़ गया। कई होटलों और अन्य इमारतों में अब भी पानी जमा है।
आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और वे पूरी तरह अलर्ट पर हैं। स्थिति का जायजा लेने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में बचाव और निगरानी टीमों को तैनात कर दिया गया है।
पहलगाम में नाला आवूरा के जलस्तर में आई इस अचानक तेजी की वजह से इलाके में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया था लेकिन पहलगाम तट पर स्थित एक होटल के भीतर रुके हुए सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित रहे। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
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इस बीच प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे नालों और नदियों के किनारों से पूरी तरह दूर रहें। इसके अलावा नाला आरपत के आसपास से गुजरते समय जरूरी सुरक्षा उपाय बरतने की हिदायत दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
राहत और बचाव कार्य में जुटे लोग
बादल फटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। जिन होटलों में पर्यटक ठहरे हुए थे, वहां पानी भर जाने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और दूसरे होटलों में शिफ्ट कराया। स्थानीय निवासियों की इस त्वरित मदद से कई पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा सका।
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 3 आरआर के जवानों के साथ-साथ स्थानीय होटल एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सराहनीय भूमिका निभाई। होटल एसोसिएशन के लोगों ने होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में प्रशासन और सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग किया, जिससे राहत कार्य तेज़ी से संपन्न हो सका।
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होटलों में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला
श्रीनगर। शनिवार शाम पहलगाम के अवूरा और देहवाथू के जंगली इलाकों में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी कम से कम आधा दर्जन होटलों में घुस गया, जिसके बाद पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। लगभग सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है। दीवार गिरने और इमारत को अन्य नुकसान पहुंचने की भी खबरें हैं। इलाके में कई घर भी प्रभावित हुए क्योंकि बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस बीच, जोरदार बारिश के बाद पिछले तीन घंटों में शेषनाग नाले और लिद्दर नाले, दोनों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हालांकि, दोनों धाराएं अभी भी अपने-अपने खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। ब्यूरो
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एहतियात के तौर पर चार इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, बाढ़ नियंत्रण और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शनिवार रात को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम इलाके में नाला ओवेरा में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित इलाके में इमरजेंसी टीमें भेजीं ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
पहलगाम के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने कहा कि बादल फटने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को एक टेक्निकल टीम के साथ तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और अचानक आई बाढ़ के असर का आकलन किया जा सके। सलार के नायब तहसीलदार भी मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित इलाके का आकलन कर रहे हैं ताकि नुकसान का पता लगाया जा सके और जरूरी राहत व बचाव कार्यों में तालमेल बिठाया जा सके।
एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने बटकूट रिसीविंग स्टेशन से सभी 11 केवी फीडर बंद कर दिए हैं, जिससे अवूरा, डहवाटू, लड्डी और बटकूट गांवों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इलाके में इमरजेंसी ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए बिजली सप्लाई को कुछ समय के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।
प्रशासन ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण, राजस्व और बिजली विकास विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और वे स्थिति पर नज़र रखने के लिए आपस में मिलकर काम कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक जान-माल के किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि विस्तृत आकलन का काम चल रहा है। प्रशासन ने निवासियों, खासकर नालों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, प्रभावित नाले के पास अनावश्यक रूप से न जाने और आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के चित्रगुल के ऊपरी इलाकों में बादल फटने से नाला आरपत चित्रगुल शांगस में अचानक बाढ़ आ गई। इसके साथ ही एक और बादल फटने के कारण पहलगाम के नाला आवूरा में भी पानी का स्तर बेहद तेजी से बढ़ गया। कई होटलों और अन्य इमारतों में अब भी पानी जमा है।
आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और वे पूरी तरह अलर्ट पर हैं। स्थिति का जायजा लेने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों में बचाव और निगरानी टीमों को तैनात कर दिया गया है।
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पहलगाम में नाला आवूरा के जलस्तर में आई इस अचानक तेजी की वजह से इलाके में कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया था लेकिन पहलगाम तट पर स्थित एक होटल के भीतर रुके हुए सभी पर्यटक पूरी तरह सुरक्षित रहे। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। राहत की बात यह है कि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
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इस बीच प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से विशेष अपील की है कि वे नालों और नदियों के किनारों से पूरी तरह दूर रहें। इसके अलावा नाला आरपत के आसपास से गुजरते समय जरूरी सुरक्षा उपाय बरतने की हिदायत दी गई है। खराब मौसम को देखते हुए लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
राहत और बचाव कार्य में जुटे लोग
बादल फटने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। जिन होटलों में पर्यटक ठहरे हुए थे, वहां पानी भर जाने के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और दूसरे होटलों में शिफ्ट कराया। स्थानीय निवासियों की इस त्वरित मदद से कई पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा सका।
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 3 आरआर के जवानों के साथ-साथ स्थानीय होटल एसोसिएशन के सदस्यों ने भी सराहनीय भूमिका निभाई। होटल एसोसिएशन के लोगों ने होटलों में ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में प्रशासन और सुरक्षा बलों का पूरा सहयोग किया, जिससे राहत कार्य तेज़ी से संपन्न हो सका।
होटलों में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित निकाला
श्रीनगर। शनिवार शाम पहलगाम के अवूरा और देहवाथू के जंगली इलाकों में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ का पानी कम से कम आधा दर्जन होटलों में घुस गया, जिसके बाद पर्यटकों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। लगभग सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है। दीवार गिरने और इमारत को अन्य नुकसान पहुंचने की भी खबरें हैं। इलाके में कई घर भी प्रभावित हुए क्योंकि बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया, जिससे संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इस बीच, जोरदार बारिश के बाद पिछले तीन घंटों में शेषनाग नाले और लिद्दर नाले, दोनों में पानी का स्तर काफी बढ़ गया है। हालांकि, दोनों धाराएं अभी भी अपने-अपने खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। ब्यूरो
एहतियात के तौर पर चार इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद
प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की, बाढ़ नियंत्रण और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं
अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। शनिवार रात को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम इलाके में नाला ओवेरा में बादल फटने से बाढ़ आ गई। इसके बाद जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित इलाके में इमरजेंसी टीमें भेजीं ताकि स्थिति का जायजा लिया जा सके और किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
पहलगाम के सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट ने कहा कि बादल फटने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि बाढ़ नियंत्रण विभाग के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को एक टेक्निकल टीम के साथ तुरंत मौके पर भेजा गया ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके और अचानक आई बाढ़ के असर का आकलन किया जा सके। सलार के नायब तहसीलदार भी मौके पर मौजूद हैं और प्रभावित इलाके का आकलन कर रहे हैं ताकि नुकसान का पता लगाया जा सके और जरूरी राहत व बचाव कार्यों में तालमेल बिठाया जा सके।
एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने बटकूट रिसीविंग स्टेशन से सभी 11 केवी फीडर बंद कर दिए हैं, जिससे अवूरा, डहवाटू, लड्डी और बटकूट गांवों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इलाके में इमरजेंसी ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए बिजली सप्लाई को कुछ समय के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है।
प्रशासन ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण, राजस्व और बिजली विकास विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और वे स्थिति पर नज़र रखने के लिए आपस में मिलकर काम कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक जान-माल के किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि विस्तृत आकलन का काम चल रहा है। प्रशासन ने निवासियों, खासकर नालों और बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने, प्रभावित नाले के पास अनावश्यक रूप से न जाने और आधिकारिक सलाह का सख्ती से पालन करने की अपील की है।