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सटीक डेटा ही विकास की नींव : अमित शर्मा

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Srinagar, Censes 2027, Amit Sharma, Gandherbal
गांदरबल में सीपीसीओ की बैठक। स्रोत प्रशासन - फोटो : Samvad
- मुख्य प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी ने गांदरबल में जनगणना 2027 के तहत जारी सूची अभियान की समीक्षा की
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संवाद न्यूज एजेंसी
गांदरबल। मुख्य प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी एवं निदेशक जनगणना संचालन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अमित शर्मा ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय गांदरबल में जनगणना 2027 के तहत चल रहे घर-घर सूची अभियान की समीक्षा की। बैठक में प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी डीसी गांदरबल जतिन किशोर और उप महानिदेशक, भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय गृह मंत्रालय नई दिल्ली बिस्वजीत दास भी मौजूद रहे।
संयुक्त निदेशक डीसीओ जम्मू-कश्मीर अरुण कुमार, सहायक निदेशक विजय कुमार, मुख्य योजना अधिकारी गांदरबल, एसडीएम कंगन, जिला समन्वयक जनगणना और अन्य अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। शुरुआत में मुख्य योजना अधिकारी ने बताया कि सभी हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स सीएमएमएस पोर्टल पर सफलतापूर्वक बनाए और सीमांकित कर दिए गए हैं। फील्ड ऑपरेशन सुचारू रूप से चल रहा है। गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
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सेल्फ-एन्यूमरेशन, जागरूकता अभियान और निगरानी तंत्र के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रगति की समीक्षा करते हुए सीपीसीओ शर्मा ने गांदरबल की तैयारियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय कवायद है। यह आने वाले सालों के लिए योजना, संसाधन आवंटन और सामाजिक-आर्थिक विकास का आधार बनती है। शर्मा ने डेटा संग्रह में उच्चतम सटीकता पर जोर दिया।
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उन्होंने गणनाकारों और पर्यवेक्षकों को हर एंट्री सही दर्ज करने और अच्छी तरह सत्यापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेताया कि छोटी सी गलती या अवधारणात्मक गलतफहमी भी जनगणना डेटा की गुणवत्ता और भविष्य की नीति योजना को प्रभावित कर सकती है। सीपीसीओ ने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यवेक्षक नियमित फील्ड निरीक्षण और रैंडम क्वालिटी चेक करें। प्रवासी आबादी, वन क्षेत्रों और अन्य विशेष श्रेणियों की कवरेज सुनिश्चित की जाए ताकि कोई घर या व्यक्ति गणना से न छूटे।
उन्होंने खास तौर पर प्रवासी और मौसमी आबादी की पूरी कवरेज पर जोर दिया। फील्ड कर्मियों को प्रवास मार्गों पर नजर रखने और सभी पात्र आदिवासी आबादी की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। तकनीक की भूमिका पर शर्मा ने कहा कि डेटा संग्रह का डिजिटल तरीका दक्षता बढ़ाएगा और जानकारी की गुणवत्ता बेहतर करेगा। प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी जतिन किशोर ने जनगणना के सुचारू संचालन के लिए पूर्ण प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिया।

बाद में पत्रकारों से बात करते हुए सीपीसीओ शर्मा ने गांदरबल और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लोगों से जनगणना कर्मियों को सहयोग देने और सही जानकारी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय जनगणना डेटा सुशासन, विकास योजना और संसाधनों के समान वितरण की नींव है। सीपीसीओ ने दोहराया कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 15 के तहत पूरी तरह सुरक्षित है। यह गोपनीय रहती है और किसी एजेंसी या व्यक्ति से साझा नहीं की जा सकती। उन्होंने लोगों से साइबर ठगों के झांसे में न आने की अपील की और स्पष्ट किया कि जनगणना अधिकारी कभी बैंक खाता, पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड, पैन या आधार की जानकारी नहीं मांगते।
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