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Srinagar News: कश्मीर की 11 वर्षीय कार्टिंग चैंप ने यूरोपियन सर्किट पर बिखेरा जलवा

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Srinagar, Atika Mir, 11 Year Old, Karting Champion
अतीका मीर। संवाद
बोलीं-मेरा लक्ष्य फार्मूला वन
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अमर उजाला ब्यूरो
श्रीनगर। भारत की उभरती हुई मोटर स्पोर्ट प्रतिभा अतीका मीर ने यूरोपियन जूनियर कार्टिंग सर्किट पर अपने पहले ही सीजन में जबरदस्त छाप छोड़ी है। उन्होंने अपने से बड़े और अनुभवी प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है।
कश्मीर की मूल निवासी और अब दुबई में रहने वाली 11 साल की इस रेसर को मिनी (8-12 साल) कैटेगरी से सीधे ज्यादा प्रतिस्पर्धी ओकेएन-जे (12-14 साल) क्लास में प्रमोट कर दिया गया। इस कदम ने उन्हें अपने से बड़े और ज्यादा अनुभवी चालकों के बीच ला खड़ा किया। इस बड़ी छलांग के बावजूद वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की सबसे होनहार कार्टर्स में से एक बनकर उभरी हैं।
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मिली जानकारी के अनुसार अतीका ने डब्ल्यूएसके सुपर मास्टर्स में क्वालिफाइंग राउंड में दूसरा स्थान हासिल करके अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद इस महीने की शुरुआत में वालेंसिया में हुई चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर एकेडमी सीरीज के यूरोपियन राउंड में उन्होंने तीसरा स्थान हासिल करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
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40 ड्राइवरों तक की ग्रिड में मुकाबला करते हुए उन्होंने लगातार ज्यादातर प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ा है। एक ऐसे खेल में जिस पर अक्सर पुरुष ड्राइवरों का दबदबा है अतीका ने अपनी रफ्तार और रेस-कौशल से पैडॉक (रेस के मैदान) में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।
ट्रैक पर आने वाली चुनौतियों के बारे में बात करते हुए अतीका ने माना कि कार्टिंग का स्वभाव काफी आक्रामक होता है लेकिन उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्होंने खुद को इसके अनुरूप ढाल लिया है। कभी-कभी वे अचानक ब्रेक लगाकर मुझे रोकते हैं या मुझसे टकरा जाते हैं लेकिन मैंने सीख लिया है कि ऐसी स्थितियों से कैसे निपटना है।
उनका प्रदर्शन एक ऐसे खेल में एक अहम कदम है जहां महिलाओं की भागीदारी अभी भी काफी सीमित है। मोटर स्पोर्ट एक मिश्रित-लिंग वाला खेल तो है लेकिन फार्मूला-1 सहित इसके सर्वोच्च स्तर पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बेहद कम रहा है। 1992 के बाद से किसी भी महिला ने ग्रां प्री रेस में हिस्सा नहीं लिया है।
अतीका ने इसी सर्वोच्च मंच पर पहुंचने का अपना लक्ष्य पूरी तरह से तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि फार्मूला-1 तक पहुँचने के अपने दीर्घकालिक सपने को साकार करने के लिए आत्मविश्वास और निरंतरता ही सबसे अहम होगी।
यह युवा ड्राइवर चार बार के विश्व चैंपियन मैक्स वेरस्टैपेन को अपना आदर्श मानती हैं। वह 2021 के अबू धाबी ग्रां प्री में वेरस्टैपेन की ओर से की गई निर्णायक ओवरटेक को एक ऐसा अहम पल मानती हैं जिसने उन्हें इस खेल की ओर आकर्षित किया। मोटर स्पोर्ट बैकग्राउंड से आने वाली, वह आसिफ मीर की बेटी हैं जो भारत के पहले नेशनल कार्टिंग चैंपियन और पूर्व फार्मूला एशिया वाइस-चैंपियन हैं। हालांकि अतीका ने हमेशा यही कहा है कि रेसिंग में उनका आना उनकी अपनी मर्जी से था और फार्मूला-1 में उनकी दिलचस्पी हाल के कुछ सालों में ही बढ़ी है।

उनकी ट्रेनिंग से जुड़े अधिकारियों और कोचों का कहना है कि उनकी तेज़ी से हो रही तरक्की उनकी तकनीकी काबिलियत और मानसिक मज़बूती, दोनों को दिखाती है। ये ऐसी खूबियां हैं जिन्हें हाई-इंटेंसिटी वाले रेसिंग माहौल में बहुत जरूरी माना जाता है।
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