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Acid Attack Case: श्रीनगर एसिड अटैक हमले के दोषी को आजीवन कारावास, अदालत ने 40 लाख का जुर्माना भी लगाया
Wed, 06 Mar 2024 06:20 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 06 Mar 2024 06:20 PM IST
सार
अदालत ने अपराध को क्रूर और अमानवीय बताते हुए उस पर 40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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न्यायालय
- फोटो : file photo
विस्तार
श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने फरवरी 2022 के एसिड हमले के मामले में बुधवार को दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपराध को क्रूर और अमानवीय बताते हुए उस पर 40 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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अपराधी साजिद राथर को आईपीसी की धारा 326 ए (तेजाब के इस्तेमाल से जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 34 (सामान्य इरादा) के तहत दोषी ठहराया है।
पीड़ित के वकील मीर नवीद गुल ने कहा, 'अदालत ने 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना उसकी संपत्ति से वसूला जा सकता है। धारा 421 (1) (बी) के तहत जुर्माना लगाया गया है।' उन्होंने कहा कि न्याय की जीत हुई है। उन्हें उम्मीद है कि यह फैसला एक निवारक के रूप में काम करेगा।
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आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 421 (1)(बी) के तहत, अदालत जिला कलेक्टर को वारंट जारी करती है और उसे आरोपी की चल या अचल संपत्ति, या दोनों से भू-राजस्व के बकाया के रूप में राशि वसूल करने के लिए अधिकृत करती है। दो साल की सुनवाई के बाद अदालत ने साजिद को आईपीसी की धारा 326-ए (एसिड आदि के इस्तेमाल से स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना) के तहत अपराध करने का दोषी पाया।
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पीड़िता के विवाह प्रस्ताव को ठुकराने पर एक फरवरी 2022 को श्रीनगर शहर में एक किशोर समेत दो लोगों ने हमला किया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले में साजिद अल्ताफ राथर और मोहम्मद सलीम कुमार उर्फ तोता और एक किशोर के खिलाफ 1,000 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी।
पुलिस ने अपील की है कि किशोर को संशोधित किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम के अनुसार एक वयस्क के रूप में माना जाए, जिसके तहत 16-18 आयु वर्ग के लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। किशोर के खिलाफ मामला अभी भी किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष चल रहा है। वहीं, कुमार को दोषी ठहराया गया और तीन महीने जेल की सजा सुनाई गई है।
आरोप पत्र के अनुसार, किशोर ने पुलिस को काले रंग की कांच की बोतल बरामद करने में मदद की, जिसका इस्तेमाल पीड़िता के चेहरे पर तेजाब फेंकने के लिए किया गया था।